Ranchi: बोकारो की 18 वर्षीय युवती के गुमशुदगी से जुड़े मामले में हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता के रिश्तेदार की बोकारो पुलिस द्वारा पिटाई किए जाने को गंभीरता से लिया है. हाईकोर्ट ने DGP को तलब किया है. कोर्ट को आज बताया गया कि याचिकाकर्ता के चाचा को बोकारो पुलिस ने पिटाई की , जिसे लेकर काफी चोट लगी है. वे रांची में एक चिकित्सक के पास इलाजरत हैं.
नाराज कोर्ट ने DGP को आज दोपहर 3:30 बजे कोर्ट में सशरीर हाजिर होने को कहा है. कोर्ट ने उनसे पूछा है कि याचिकाकर्ता के रिश्तेदार को कस्टडी में लेकर पिटाई क्यों की गई. मामले की सुनवाई हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद की खंडपीठ में हुई. प्रार्थी के अधिवक्ता विनसेंट रोहित मार्की और अधिवक्ता शांतनु गुप्ता ने पक्ष रखा.
इससे पहले की सुनवाई में कोर्ट ने SP बोकारो से पूछा था कि युवती 7 माह से अधिक समय से बोकारो से गायब है, उसकी बरामदगी के बारे में क्या-क्या कदम उठाए गए हैं. युवती कब तक बरामद कर ली जाएगी. बोकारो एसपी ने कोर्ट को बताया कि बोकारो और आसपास के तीन-चार जगह पर युवती की बरामदगी को लेकर छापेमारी की गई है. एक संदिग्ध को पुलिस ने पकड़ा है, उसका नार्को को टेस्ट कराने का प्रयास किया जा रहा है.
बता दें कि मामले में लड़की की मां की ओर से हेवियस कॉर्पस दायर की गई है. सुनवाई के दौरान प्रार्थी की ओर से कोर्ट को बताया गया था कि युवती 31 जुलाई 2025 से लापता है. मामले को लेकर बोकारो के पिंडराजोड़ा थाना में कांड संख्या 147 /2025 दर्ज किया गया था. युवती के परिजन को 11 दिसंबर 2025 को मोबाइल पर एक कॉल आया था, जिसमें कहा गया था कि उनकी लड़की पुणे में है.
इसके बाद पुलिस दल ने फोन करने वाले युवक को दबोच लिया था. थाने में पूछताछ के दौरान उसने पुलिस को बताया कि युवती उसके दोस्त के पास पुणे में है. पुलिस की टीम युवती के पिता के साथ उस लड़के को लेकर ट्रेन से पुणे जा रही थी, इसी दौरान वह उन्हें चकमा देकर भाग गया. पुलिस अब तक युवती को नहीं ढूंढ सकी है.
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