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Bokaro News : मनरेगा योजनाओं के क्रियान्वयन में बोकारो को राज्य में दूसरा स्थान

डीसी अजय नाथ झा ने कहा कि योजनाओं का क्रियान्वयन केवल लक्ष्य पूरा करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसका लाभ ग्रामीणों के जीवन में दिखाई देना चाहिए.
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कार्यशाला का उद्घाटन करते डीसी अजय नाथ झा.
  • बेहतर कार्य करने वाले बीडीओ व मनरेगा कर्मी सम्मानित

Bokaro : बोकारोः जिला परिषद सभाकक्ष में बुधवार को ग्रामीण रोजगार आजीविका एवं विकसित भारत के निर्माण विषय पर जिला स्तरीय कार्यशाला सह प्रशिक्षण का आयोजन हुआ. बताया गया कि पिछले वर्ष मनरेगा के संकेतकों के आधार पर जारी रैंकिंग में बोकारो जिले को राज्य में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है. मौके पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले बीडीओ, मनरेगा पदाधिकारियों व कर्मियों को सम्मानित किया गया.

 

 

 डीसी अजय नाथ झा ने कहा कि योजनाओं का क्रियान्वयन केवल लक्ष्य पूरा करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसका लाभ ग्रामीणों के जीवन में दिखाई देना चाहिए. प्रशासनिक टीम जिस तत्परता और टीम भावना के साथ चुनौतियों का समाधान करती है, उसी भावना के साथ नई व्यवस्था को भी धरातल पर उतारना है.


उन्होंने नई व्यवस्था के तहत जल संरक्षण व आजीविका संवर्धन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया. कहा कि गांव का पानी गांव में रहे, खेत का पानी खेत में रहे और स्कूल का पानी स्कूल में रहे इस सोच के साथ प्रत्येक बूंद पानी का संरक्षण व सदुपयोग सुनिश्चित किया जाए.


डीसी ने सभी बीडीओ को अपने-अपने प्रखंड की स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप जल संरक्षण की कार्ययोजना तैयार करने तथा विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन करने का निर्देश दिया. कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराने से पलायन को रोकने में मदद मिलेगी. स्थानीय संसाधनों एवं जरूरतों के आधार पर ऐसी परिसंपत्तियों का निर्माण किया जाए, जिनसे ग्रामीण परिवारों को दीर्घकालिक लाभ मिल सके.


कार्यशाला में मनरेगा से विकसित भारत–जी-राम-जी में लागू नई व्यवस्था व प्रावधानों की जानकारी दी गई. बताया गया कि नई व्यवस्था के तहत ग्रामीण श्रमिकों के लिए पूर्व के 100 दिनों की तुलना में 125 दिनों के रोजगार का प्रावधान किया गया है.बुआई एवं फसल कटाई के समय 60 दिनों तक कार्य नहीं होने का प्रावधान है, जिसकी अवधि राज्य सरकार द्वारा घोषित की जाएगी. मजदूरी भुगतान निर्धारित समय-सीमा में श्रमिकों के बैंक खाते में उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया.बताया गया कि नई व्यवस्था के तहत 318 प्रकार के कार्यों/योजनाओं को शामिल किया गया है. 


समारोह में डीडीसी शताब्दी मजूमदार, प्रशिक्षु आईएएस अरविंद राधाकृष्णन, डीआरडीए निदेशक पूर्णिमा कुमारी, जिला पंचायती राज पदाधिकारी मो. सफीक आलम, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी अविनाश कुमार सिंह, परियोजना पदाधिकारी रुपेश कुमार तिवारी सहित अन्य अधिकारी व कर्मी मौजूद रहे. 
 
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