Bokaro: बोकारो स्टील प्लांट में हादसे के दौरान घायल हुए कर्मी सुभाष चंद्र मोदी की इलाज के दौरान मौत हो गई. परिजनों ने ADM बिल्डिंग के मुख्य गेट पर मृतक कर्मी की शव रखकर विरोध प्रदर्शन किया. अब यह विरोध-प्रदर्शन अनशन में बदल गई है.

परिजनों ने आरोप लगाया कि सुभाष चंद्र मोदी का शव मर्चरी में रखा हुआ है, लेकिन प्रबंधन की ओर से आश्रित को नियोजन (अनुकंपा नौकरी) को लेकर कोई स्पष्ट आश्वासन नहीं दिया गया. नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने ADM बिल्डिंग के मेन गेट को जाम कर दिया, जिससे आवागमन प्रभावित रहा और प्रशासन को मौके पर भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात करने पड़े.
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सुभाष चंद्र मोदी प्लांट में ड्यूटी के दौरान हादसे का शिकार हो गए, जब काम के दौरान उनके सिर में गंभीर चोट लगी. पहले उन्हें प्लांट मेडिकल में प्राथमिक उपचार के लिए ले जाया गया, इसके बाद हालत गंभीर होने पर अन्य कई अस्पतालों में रेफर किया गया. जहां लंबे इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.
परिजनों ने आरोप लगाया है कि कोलकाता में ही इलाज होता तो उनकी जान बच सकती थी. लेकिन प्रबंधन मरीज को वापस बुला कर भगवान भरोसे छोड़ दिया. मृतक का बेटा संजय कुमार ने बताया कि इलाज के अभाव में पिता की मौत हो गई, अब मां की हालत गंभीर बनी है. डॉ आर. के दास ने कहा अनशनकारियों की जांच शुरू है.
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