- 6 हजार से अधिक पन्नों के दस्तावेज की हुई पड़ताल
- 100 दिन की जांच और 25 गवाहों के लिए बयान
Bokaro: बोकारो एसपी कार्यालय की लेखा शाखा में हुए 11 करोड़ रुपये से अधिक के वेतन घोटाले में सीआईडी ने करीब 100 दिनों की गहन जांच के बाद पहली चार्जशीट दाखिल कर दी है. जांच के दौरान 6 हजार से अधिक पन्नों के दस्तावेजों की पड़ताल की गई. साथ ही करीब 2.50 करोड़ रुपये की राशि फ्रीज की गई और लगभग 1.50 करोड़ रुपये के आभूषण भी जब्त किए गए हैं.
विशेष सीआईडी अदालत में दाखिल पहली चार्जशीट में लेखापाल कौशल कुमार पांडेय, होमगार्ड जवान सतीश कुमार, एएसआई अशोक कुमार भंडारी और आरक्षी काजल मंडल को आरोपी बनाया गया है.
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सीआईडी ने अदालत में 35 पन्नों का चार्जशीट सार (जिस्ट), 120 पन्नों की केस डायरी, फॉरेंसिक एवं फाइनेंशियल ऑडिट रिपोर्ट तथा 25 गवाहों के बयान भी प्रस्तुत किए हैं. जांच एजेंसी के अनुसार मुख्य आरोपी कौशल पांडेय ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर ई-कुबेर पोर्टल और सरकारी रिकॉर्ड में कथित छेड़छाड़ कर करोड़ों रुपये की अवैध निकासी की.
जांच में सामने आया कि पहले राशि 21 बैंक खातों में भेजी गई और बाद में उसे 600 से अधिक खातों में ट्रांसफर किया गया. एसआईटी ने इन खातों को फ्रीज कर दिया है. इसके अलावा आरोपियों से जुड़े मकानों, जमीन और अन्य संपत्तियों के दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं.
चार्जशीट के मुताबिक मुख्य आरोपी कौशल पांडेय ने मृत और सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों के नाम पर फर्जी वेतन बिल तैयार कर अपनी पत्नी और मां के खातों में करोड़ों रुपये ट्रांसफर किए. आरोप है कि सेवानिवृत्त हवलदार उपेंद्र सिंह के सेवा रिकॉर्ड में फर्जी बदलाव कर नवंबर 2023 से मार्च 2026 के बीच 63 बार में 4.29 करोड़ रुपये की अवैध निकासी की गई.
सीआईडी के अनुसार होमगार्ड जवान सतीश कुमार के खाते में 1.06 करोड़ रुपये और एएसआई अशोक कुमार भंडारी से जुड़े खातों में 1.11 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेन-देन का पता चला. वहीं आरक्षी काजल मंडल के घर छापेमारी में 8.75 लाख रुपये नकद बरामद किए गए थे. जांच एजेंसी का कहना है कि पूरे घोटाले की जांच अभी जारी है और हजारीबाग वेतन घोटाले में भी जल्द चार्जशीट दाखिल की जाएगी.
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