Bokaro : झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा ने अपनी मांगों को लेकर आज शुक्रवार डीसी आवास का घेराव किया. पांच सूत्री मांग को लेकर घेराव किया गया. नेताओं ने कहा कि जब बिहार और झारखंड एक साथ था तब 1956 में पहली बार रैयतों की जमीन अधिग्रहण किया गया था. इसी तरह कई चरणों में 64 मौजा 84 गांवों के रैयतों से 34188 एकड़ भूमि ले लिया गया. लेकिन अधिकांश विस्थापितों को मुआवजा, नौकरी व पुनर्वास देना बाकी है.

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मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष विदेशी महतो ने कहा कि मेरी पांच सूत्री मांग है. विस्थापितों को मुआवजा नौकरी देने के सवाल पर बैठक में सहमति बनी थी, लेकिन अमल नहीं किया गया. उन्होंने कहा डीसी द्वारा समाधान का आश्वासन मिला था जो आज यथावत है.
उन्होंने कहा कि मेरा आंदोलन अनिश्चितकालीन था लेकिन डीसी ने एक सप्ताह का समय मांगा है. उन्हें 15 अगस्त तक का समय दिया है. यदि निर्धारित समय पर कोई निर्णय नहीं हुआ तो चरणबध तरीके से आंदोलन शुरू किया जायेगा.
मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष विदेशी महतो ने सरकार को भी जिम्मेदार बताया. उन्होंने कहा कि विस्थापित आयोग का गठन किया जाना था लेकिन वह संचालिकाओं तक सिमट कर रह गया है.
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