Bokaro News: झारखंड राज्य के निर्माण के लिए संघर्ष करने वाले आंदोलनकारियों के सम्मान में शिबू सोरेन स्मृति भवन सभागार में झारखंड आंदोलनकारी सम्मान समारोह का आयोजन किया गया. समारोह में डीसी अजय नाथ झा एवं एसपी नाथू सिंह मीणा शामिल हुए. उपायुक्त ने झारखंड आंदोलनकारियों को मोमेंटो व प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया.
डीसी अजय नाथ झा ने कहा कि झारखंड का गठन 15 नवंबर 2000 को लंबे संघर्ष के बाद हुआ. यह आंदोलन केवल अलग राज्य की मांग तक सीमित नहीं था, बल्कि झारखंड की पहचान, अधिकार, सम्मान और विकास के लिए एक लंबा संघर्ष था. उन्होंने कहा कि जिनके संघर्ष और त्याग से झारखंड का सपना साकार हुआ, उनका सम्मान करना हम सभी का गौरव है. राज्य सरकार ने झारखंड आंदोलन में योगदान देने वाले आंदोलनकारियों को चिह्नित कर सम्मानित करने का निर्णय लिया है.
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समय-समय पर कुछ आंदोलनकारियों के सूची अथवा प्रमाण-पत्र से संबंधित समस्याएं हम आपको सुनते हैं... (लोक संवाद) सहित विभिन्न माध्यमों से जिला प्रशासन के समक्ष रखी गईं. उपायुक्त ने कहा कि इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने शिक्षक दिवस के अवसर पर पात्र आंदोलनकारियों को सम्मानित करने एवं प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराने का निर्णय लिया.
उन्होंने कहा कि आज का यह आयोजन केवल सम्मान समारोह नहीं, बल्कि उन संघर्षशील लोगों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है, जिन्होंने झारखंड के निर्माण के लिए अपना जीवन, समय और संघर्ष समर्पित किया.
उपायुक्त ने कहा कि आंदोलनकारियों के आग्रह पर समारोह स्थल पर खिचड़ी-चोखा के सहभोज की भी व्यवस्था की गई है. इसका उद्देश्य सभी आंदोलनकारियों के साथ आत्मीयता और अपनत्व के साथ इस ऐतिहासिक अवसर को साझा करना है. उन्होंने कहा कि आंदोलनकारियों की सुविधा के लिए अलग-अलग काउंटर बनाए गए हैं, ताकि प्रमाण-पत्र वितरण की प्रक्रिया सुव्यवस्थित एवं सुचारु रूप से पूरी हो और किसी को असुविधा नहीं हो.
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