Bokaro: मजदूरों से सीधा संवाद स्थापित करने ट्रेड यूनियन संयुक्त मोर्चा मशीन शॉप पहुंचा. इस दौरान एटक के महामंत्री रामाश्रय प्रसाद सिंह ने कहा कि मजदूर अपना खून पसीना एक करके उत्पादन बढ़ाने नया कीर्तिमान स्थापित कर रहा हैं, लेकिन उन्हें उसका वाजिब हक नहीं मिलता है. अधिकारियों को लाखों रुपए का पीआरपी भुगतान हो गया, लेकिन जब मजदूरों की बारी आती है तो उसे फार्मूला में उलझा दिया जाता है.

ट्रेड यूनियन संयुक्त मोर्चा ने दिखाई एकता
एनजेसीएस को दरकिनार कर ग्रैच्युटी पर सीलिंग लगा दिया जाता है और बकाया वेतन समझौता का एरियर देने की मांग करने पर केंद्र सरकार का नोशनल वाला कागज दिखाया जाता है.
इसे भी पढ़ें:
सीटू के महामंत्री आर के गोरांई ने कहा कि ठीका मजदूरों की स्थिति तो और बदतर है. वाजिब वेतन मांगने पर उसे गेट से बाहर का रास्ता दिखाया जाता है. सीएलसी विभाग और इंजीनियर इंचार्ज की उदासीन रवैया जग जाहिर है.
इंटक के संयुक्त महामंत्री दीपक मिश्रा ने कहा कि अब तो स्थायी नौकरी मिलना दुर्लभ हो गया है. यंग प्रोफेशनल, एप्रेंटिस, प्रोजेक्ट आधारित काम आदि के नाम पर सेल में भी फिक्स टर्म इम्पलोयमेंट हो रहा है, जहां किसी तरह की सामाजिक सुरक्षा की गारंटी नहीं है.
किम्स एचएमएस के संयुक्त सचिव सुभाष चंद्र कर्मकार ने कहा कि समय की मांग है कि चाहे सेल प्रबंधन हो या केन्द्र की सरकार, उनकी मजदूर विरोधी नीतियों,नए लेबर कोड आदि के खिलाफ एकताबद्ध और संयुक्त आंदोलन के बल पर ही उन्हें झुकाया जा सकता है. मजदूरों ने एक स्वर में संयुक्त आंदोलन को तेज करने का संकल्प दोहराया.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें


Leave a Comment