Bokaro : बिहार के जमनिया निवासी भरत भूषण तिवारी हत्याकांड में पुलिस द्वारा की गई एनकाउंटर को विप्र समाज ने फर्जी एनकाउंटर बताया है. इसको लेकर संपूर्ण विप्र समाज ने डीसी कार्यालय के पास धरना दिया. धरना प्रदर्शन में विप्र समाज के अलावा सभी जातियों के लोगों ने भाग लिया. नेताओं ने इसे एनकाउंटर नहीं बल्कि हत्या करार दिया.

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कुंज बिहारी पाठक ने कहा सरेंडर करने के बाद उसे पुलिस ने गोली मारकर हत्या कर दी. उन्होंने कहा कि बिहार की सम्राट सरकार खामोश है, जिसे विप्र समाज बर्दाश्त नहीं करेगा. वहीं टुनटुन पांडेय ने कहा भरत भूषण तिवारी गरीबो के मसीहा थे. वे अपने लिए नहीं बल्कि विस्थापित गरीबों की लड़ाई लड़ रहे थे. बिहार के भ्रष्टाचारी सरकार के खिलाफ आवाज नहीं उठाए होते तो उनका फर्जी एनकाउंटर नहीं हुआ रहता.
उन्होंने कहा कि भरत भूषण तिवारी को सरकार शहीद का दर्जा दे, नहीं तो लड़ाई और तेज होगी. दूसरी ओर भाकपा माले लिब्रेशन के नेता राजू दूबे ने कहा कि फर्जी एनकाउंटर सम्राट सरकार ने इसलिए किया ताकि सरकार और सिस्टम के खिलाफ बोलने वालों के आवाज को दबाया जा सके.
उन्होंने कहा कि भरत भूषण तिवारी को जबतक न्याय नहीं मिलेगा, घटना में शामिल पुलिस कर्मियों को सजा दिलाने तक आंदोलन जारी रहेगा. नेताओं ने दोषियों को फांसी देने की मांग किया है.
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