Bokaro : स्टील वर्कर्स फेडेरेशन ऑफ इंडिया के आह्वान पर सेफ्टी, एरियर, ठेका मजदूर, एसइएसबीएफ, निजीकरण आदि सवालों को लेकर बोकारो स्टील प्लांट के डायरेक्टर इंचार्ज के नाम मांग पत्र सौंपा गया. इस अवसर पर उपस्थित कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए सीटू महामंत्री आर के गोरांई ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के उद्योगों की मूल भावना को लगातार कमजोर किया जा रहा है.
उन्होंने आरोप लगाया कि निजी उद्योगों से प्रतिस्पर्धा के नाम पर उत्पादन बढ़ाने और लागत घटाने का दबाव बनाया जा रहा है, जिसका प्रतिकूल प्रभाव कर्मचारियों और अधिकारियों पर पड़ रहा है. अत्यधिक कार्यभार, कर्मचारियों की कमी और उत्पादन लक्ष्य हासिल करने की होड़ के कारण श्रमिकों को मानसिक एवं शारीरिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है, जिससे कार्यस्थल दुर्घटनाओं की संभावना भी बढ़ जाती है.
उन्होंने इसे श्रम कानूनों और मानवीय कार्य परिस्थितियों का गंभीर उल्लंघन बताया. लगातार लंबे समय तक काम करने से श्रमिकों की कार्यक्षमता प्रभावित होती है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है. उन्होंने मांग की कि सभी संयंत्रों में कार्य अवधि, सुरक्षा मानकों और श्रमिक कल्याण संबंधी नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए. मांग पत्र में ठेका मजदूरों, एरियर, एसइएसबीएफ, आदि सवालों को प्रमुखता से उठाया गया. उन्होंने श्रद्धांजलि व्यक्त करते हुए कार्यस्थल सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बनाने की मांग की.
उन्होंने आगे कहा कि श्रमिकों का जीवन किसी भी उत्पादन लक्ष्य से अधिक महत्वपूर्ण है और उद्योग प्रबंधन को सुरक्षा, पर्याप्त जनशक्ति और मानवीय कार्य परिस्थितियों को सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए.
मांग पत्र में सौंपने में मुख्य रूप से आर के गोरांई, इश्तियाक अंसारी, देव कुमार, संजय अंबेडकर, एन एल रजक, सुधीर कुमार, एस के दास, दिलीप कुमार आदि मौजूद थे.
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