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Bokaro News : DPS के ‘दीपांश शिक्षा केंद्र’ में बच्चों को बांटे गए स्कूल बैग व स्टेशनरी किट

समाज के अभिवंचित वर्ग के बच्चों को निःशुल्क गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) की ओर से संचालित विशेष विद्यालय 'दीपांश शिक्षा केंद्र' के कक्षा एक के विद्यार्थियों में स्कूल बैग के साथ किताबें और स्टेशनरी किट का वितरण किया गया
 

Bokaro : समाज के अभिवंचित वर्ग के बच्चों को निःशुल्क गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) की ओर से संचालित विशेष विद्यालय 'दीपांश शिक्षा केंद्र' के कक्षा एक के विद्यार्थियों में स्कूल बैग के साथ किताबें और स्टेशनरी किट का वितरण किया गया. 

 


प्राचार्य डॉ. ए. एस. गंगवार ने सोमवार को एक विशेष कार्यक्रम के दौरान उन नन्हे विद्यार्थियों के बीच इनका वितरण किया. यह उपहार पाकर बच्चों के चेहरे खिल उठे. इस अवसर पर प्राचार्य ने विद्यार्थियों को मन लगाकर पढ़ाई करने, अपने शिक्षकों, माता-पिता व श्रेष्ठजनों का सदैव सम्मान करने तथा स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया.

 

उन्होंने बच्चों को मोबाइल से दूर रहते हुए नियमित योगाभ्यास आदि करने की प्रेरणा दी. यह भी कहा कि बच्चे अच्छा काम करें और हमेशा जहां तक हो सके, दूसरों की मदद करें. बच्चों को असफलता से निराश होने की बजाय, सीख लेने की प्रेरणा देते हुए उन्होंने कहा कि हरेक बच्चा अपने-आप में प्रतिभावान होता है. बच्चे दूसरों से अपनी तुलना न करें.

 

दीपांश शिक्षा केन्द्र की प्रभारी व डीपीएस की हेडमिस्ट्रेस डॉ. सरिता गंगवार ने बताया कि लगभग ढाई दशक से इस निःशुल्क विद्यालय के जरिए आर्थिक रूप से प्रभावित बच्चों के बीच शिक्षा का अलख जगाकर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का सद्प्रयास किया जा रहा है.

 

शैक्षणिक सुविधाओं से अभिवंचित बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ उनके सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से ही 2 जुलाई, 2001 को दीपांश की स्थापना की गई थी. आज सैकड़ों बच्चे यहां अत्याधुनिक व समुन्नत सुविधाओं व संसाधनों के बीच मुफ्त शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं. 

 

कक्षा 1 से 7 तक के उन विद्यार्थियों को अच्छी शिक्षा के साथ-साथ खेल, कला-संगीत, नृत्य आदि से जोड़कर उनका सर्वांगीण विकास किया जाता है. उन्हें अपनी प्रतिभा निखारने का हर अवसर और मंच भी विद्यालय देता है तथा विद्यालय परिधान से लेकर कॉपी-किताबें भी उन्हें निःशुल्क मुहैया कराई जाती हैं. उन्हें पढ़ाने और उनकी देखरेख के लिए यहां विशेष रूप से शिक्षिकाएं रखी गई हैं.

 


उन्होंने बताया कि दीपांश के मेधावी बच्चों को डीपीएस की नियमित शिक्षा प्रणाली में जोड़कर निःशुल्क आगे की पढ़ाई भी मुहैया कराई जाती रही है. अब तक दर्जनों ऐसे बच्चों का भविष्य संवारा जा चुका है.

 

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