Bokaro: दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस), बोकारो के प्राइमरी के नन्हें बच्चों ने तीन दिवसीय सांस्कृतिक उत्सव 'धरोहर' के दूसरे दिन राष्ट्रप्रेम से ओतप्रोत गीतों का तान छेड़ पूरे वातावरण को देशभक्ति के रस से सराबोर कर दिया.
बुधवार को आयोजित अंतर-सदन समूहगान प्रतियोगिता में नन्हें बच्चे राष्ट्रध्वज के तीन रंगों की छटा बिखेरते आकर्षक परिधानों में सजे-संवरे मंच पर पहुंचे. इस दौरान बच्चों ने राष्ट्रभक्ति की ऐसी अविरल धारा प्रवाहित की कि हर दर्शक मंत्रमुग्ध हो उठे.
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हाथों में लहराते राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे के बीच बच्चों ने अपने गीतों के माध्यम से जहां एक ओर नए भारत की अदम्य शक्ति को दर्शाया, वहीं दूसरी ओर देश के अमर बलिदानियों को नमन करते हुए राष्ट्ररक्षा के संकल्प को दोहराया और आगे आने का आह्वान भी किया.
संगीतमय यात्रा की शुरुआत करते हुए गंगा सदन के बच्चों ने 'कदम-कदम बढ़ाए जा...' से दर्शकों में जोश का संचार किया. इसके बाद चेनाब सदन ने '...आगे बढ़ो विश्व में बजा दो डंका', झेलम सदन ने 'या रब रहे सलामत, भारत हमारा भारत...', रावी सदन ने 'हम सब भारतीय हैं...', सतलज सदन ने 'चलो जवानो बढ़ो जवानों मां ने हमें पुकारा है...' तथा जमुना सदन के विद्यार्थियों ने 'हिन्दुस्तां का परचम सदा लहराते रहेंगे हम...' जैसे गीतों की जीवंत प्रस्तुतियां देकर हर दिल में देशभक्ति की अलख जगा दी.
सुर, लय, आपसी समन्वयन, परिधान व अन्य मापदंडों के तहत बेहतर प्रदर्शन के आधार पर सतलज और जमुना सदन को संयुक्त रूप से विजेता घोषित किया गया. गंगा हाउस दूसरे, तो झेलम और रावी सदन संयुक्त रूप तीसरे स्थान पर रहे.
विद्यालय के प्राचार्य डॉ. ए. एस. गंगवार ने सभी प्रतिभागियों के प्रस्तुतियों की मुक्तकंठ से सराहना करते विजेता बताया. उन्होंने कहा कि संगीत आत्मा को अलौकिक शांति, तृप्ति और नया जीवन प्रदान करता है. उक्त प्रतियोगिता के निर्णायकों में सीनियर इकाई के वरिष्ठ संगीत शिक्षक मृत्युंजय भट्टाचार्य, विक्की आनंद पाठक एवं शुभोजीत मिश्रा शामिल रहे. प्रतियोगिता का संचालन छात्र चिरंजीत व अदिति ने किया.
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