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बोकारो : गरगा नदी में नालों का प्रवाह बंद करना ही होगा

Bokaro : गरगा नदी कर रही पुकार, बंद करो प्रदूषण की मार... की मार्मिक अभिव्यक्ति के साथ विश्व जल दिवस के अवसर पर बुधवार को स्वास्थ्य एवं पर्यावरण संरक्षण संस्थान की ओर से चास-बोकारो के बीच स्थित गरगा पुल स्थित गरगा नदी तट पर गरगा बचाओ संकल्प सभा का आयोजन किया गया. सभा की अध्यक्षता संस्थान के अध्यक्ष सुरेंद्र पांडेय और संचालन उपाध्यक्ष अखिलेश ओझा ने किया. संस्थान के महासचिव शशि भूषण ओझा मुकुल ने उपस्थित समाजसेवी व पर्यावरण प्रेमियों को संबोधित करते हुए कहा कि बोकारो इस्पात संयंत्र और चास नगर निगम को अपने क्षेत्र के गंदे नालों का गरगा नदी में सीधा प्रवाह बंद करना ही होगा. बोकारो की जनता अब अपनी इस जीवन रेखा गरगा नदी को बचाने के लिए जाग चुकी है. गंदे नालों के पानी को साफ करने के लिए वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाना होगा. नदी को प्रदूषित करना अपराध है. अगर इस्पात संयंत्र और नगर निगम इसे प्रदूषित करना नहीं बंद करता है तो संस्थान इसके विरुद्ध कानूनी लड़ाई भी लड़ेगा. बोकारो चेम्बर ऑफ कॉमर्स के संरक्षक संजय बैद ने कहा कि चैंबर पूरी तरह इस लड़ाई में संस्थान के साथ रहेगा.  समाजसेवी प्रो. आरडी उपाध्याय ने चास और बोकारो के लोगों को इस नदी को बचाने के लिए आगे आने का आह्वान किया. इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से रघुवर प्रसाद, बबलू पांडेय, रमण ठाकुर, वैद्य गणेश साव, अजीत भगत, वीरेंद्र चौबे, गौरी शंकर सिंह, विजय गुप्ता, लक्षण शर्मा, अभय गोलू, एके दुबे, वासुदेव शर्मा, मिली चौबे, पुष्पा मिश्र, कंचन शर्मा, प्रीति गुप्ता, माया राय, हेमा कुमारी, नीलम उपाध्याय, अनिता सिंह, पाली सिंह, अजय चौबे, स्वामी सत्य कृष्ण, कुंदन उपाध्याय, भोला तिवारी, विजय त्रिपाठी, डी के त्रिवेदी, प्रेमन गिरी, परशुराम महतो, भैया प्रीतम, अरुण शर्मा, ललित प्रसाद, दयाराम परमार, शिवजी ओझा, ललन दुबे सहित सैकड़ों पर्यावरण प्रेमीगण उपस्थित रहे. यह">https://lagatar.in/bokaro-dps-bokaro-committed-to-fulfill-the-objectives-of-the-new-education-policy-dr-gangwar/">यह

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