: रेलवे स्टेशन का नाम बांग्ला में लिखने के लिए दिया धरना
आज तक मजदूरों का समायोजन नहीं किया गया- JDU
लॉकडाउन के दौरान देश के विभिन्न राज्यों से करीब 10 हजार से अधिक दक्ष मजदूर बोकारो पहुंचे. ऐसा दावा बोकारो जिला प्रशासन ने किया था और कहा था कि इसका डेटाबेस भी तैयार कर लिया गया है डेटाबेस के आधार पर बोकारो के कंपनियों को मजदूरों को चयन में परेशानी नहीं होगी तथा सब का समायोजन होगा. उक्त सूची को उद्यमियों में साझा करने की बात भी कही गई थी क्या हुआ आज तक पता नहीं चला. सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क द्वारा इस इलाके में आईटी पार्क बनाने की बात की गई थी आज तक शुरुआत भी नहीं हुआ. बोकारो से लगभग 35 किलोमीटर दूर दामोदरपुर गांव में रेलवे पहिया कारखाना खोलने की बात बनी थी, आज तक नहीं खुला. श्री चौधरी ने कहा कि जो मजदूर कॉलोनी बालीडीह, कुर्मीडीह, आजाद बस्ती, गैमन कॉलोनी, माराफारी, झोपड़ी कॉलोनी आदि इनके पास कोई सरकार द्वारा प्रदत्त चिन्हित भूमि नहीं है. ये मजदूर बराबर भयभीत तथा असुरक्षित महसूस करते है. आज तक प्रबंधक, जिला प्रशासन, विधायिका बोकारो में एक सम्मानजनक वैद्य मजदूर कॉलोनी बनाने में अक्षम रहे है. इनको सरकार के द्वारा चिन्हित भूमि करके इनको बसाना चाहिए और जन सुविधाएं मुहैया कराना चाहिए. इसे भी पढ़ें- गालूडीह">https://lagatar.in/galudih-seven-feet-long-python-came-out-forest-workers-caught-and-left-it-in-the-forest/">गालूडीह: सात फीट लंबा अजगर निकला, वनकर्मियों ने पकड़ कर जंगल में छोड़ा

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