का बदला, यूक्रेन के खारसेन में बमों की बरसात की, 21 लोगों की मौत, 48 घायल
गिरफ्तार अभियुक्तों के आमने-सामने पूछताछ की गई थी
ईडी ने बीते 24 अप्रैल को छवि रंजन से पूछताछ की थी. इस दौरान उनसे सबसे पहले सेना के कब्जेवाली जमीन की खरीद-बिक्री में उनकी भूमिका से संबंधित सवाल पूछा. इसके बाद उनके खिलाफ बड़गाईं के अंचल अधिकारी मनोज कुमार द्वारा लगाये गये आरोपों के बारे में पूछा. सीओ मनोज कुमार ने पूछताछ में ईडी को बताया था कि उसे प्रदीप बागची द्वारा अंचल कार्यालय में जमा किये गये दस्तावेज पर संदेह था. लेकिन छवि रंजन की ओर से भारी दबाव व दंडित करने की धमकी देने के बाद प्रदीप बागची के पक्ष में रिपोर्ट भेजी गयी.इसके बाद जमीन की रजिस्ट्री हुई. छवि रंजन ने इन आरोपों का खंडन किया और सेना की जमीन की खरीद-बिक्री के मामले में सीओ सहित वहां के कर्मचारियों को दोषी बताया. हालांकि वह दस्तावेज में जालसाजी कर सेना के कब्जेवाली जमीन की खरीद बिक्री के सिलसिले में गिरफ्तार किये गये अभियुक्तों के आमने-सामने पूछताछ के दौरान ईडी के सवालों में उलझ गये. कुछ सवालों के जवाब में टाल मटोल और कुछ में चुप्पी साधकर उन्होंने इस पूरे प्रकरण में अपनी संदेहास्पद भूमिका को यकीन में बदल दिया.गिरफ्तार आरोपियों ने कहा था-छवि के कहने पर किया फर्जीवाड़ा
जांच एजेंसी ने इस मामले में बड़गाईं अंचल के राजस्व उप निरीक्षक भानु प्रताप प्रसाद और प्रदीप बागची सहित सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इन पर जमीन के मूल दस्तावेज में छेड़छाड़ कर फर्जीवाड़ा करने, फर्जी दस्तावेज पर होल्डिंग नंबर लेने आदि आरोपों की पुष्टि हो चुकी है. छवि रंजन के सामने पूछताछ में इन्होंने कहा था कि छवि रंजन के कहने पर ही फर्जीवाड़ा किया है. ईडी ने सेना के कब्जे वाली 4.55 एकड़ और चेशायर होम रोड की एक एकड़ जमीन की खरीद-बिक्री मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के तहत जांच में फर्जीवाड़ा पकड़ा है. इसे भी पढ़ें - दिल्ली">https://lagatar.in/uproar-late-night-at-delhis-jantar-mantar-wrestlers-allege-police-assault/">दिल्लीके जंतर-मंतर पर देर रात हंगामा, पहलवानों ने लगाया पुलिस पर मारपीट का आरोप

Leave a Comment