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BREAKING : हथियार बरामद करने PLFI सुप्रीमो दिनेश गोप को खूंटी लेकर पहुंची एनआईए की टीम

 
Khunti : पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश गोप को एनआईए की टीम अपने साथ लेकर खूंटी जिला के रनिया पहुंची है. दिनेश गोप की निशानदेही पर भारी संख्या में हथियारों का जखीरा बरामद की संभावना जताई जा रही है. जानकारी के मुताबिक, एनआईए की पूछताछ में दिनेश गोप ने रनिया क्षेत्र में हथियार छुपाकर रखने की बात कबूली है. लेकिन कहां छुपाई है, इस बारे में दिनेश ने कहा कि उसे मालूम नहीं है. दिनेश गोप ने कहा कि उसे जगह ध्यान में नहीं है कि उसने हथियार किस स्थान पर डंप किए हैं. एनआईए के साथ भारी संख्या में पुलिस की टीम रनिया के सुदूर इलाके में अभियान चला रही है. इसे भी पढ़ें - ISRO">https://lagatar.in/isro-successfully-launches-satellite-nvs-01-carried-into-space-by-gslv-12-rocket/">ISRO

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गुमला से भारी मात्रा में गोला बारूद हो चुके हैं बरामद

दिनेश गोप से पूछताछ के बाद मिली जानकारी के बाद एनआईए ने गुमला जिला के कामदारा इलाके के जंगल से भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद किया है. जब्त की गई गोलियों में 7.62 एमएम की 1245 गोलियां और 5.56 एमएम की 271 गोलियां शामिल हैं. जब्त गोला बारूद लगभग दो साल पहले बिहार के नालंदा जिले के सिक्सोहरा से पीएलएफआई को मिला था. इन गोली को पीएलएफआई के उग्रवादियों को वितरण के रखा गया था.

21 मई को गिरफ्तार हुआ था दिनेश गोप

एनआईए ने दिनेश गोप को बीते 21 मई को दिल्ली से गिरफ्तार किया था. दिनेश गोप के खिलाफ 102 आपराधिक मामले थे और उस पर 30 लाख रुपये का इनाम था. वह वर्तमान में एनआईए की हिरासत में है. जांच के दौरान दिनेश गोप की निशानदेही पर जंगल छुपाए गए गोला-बारूद को एनआईए ने बरामद किया था. स्थान के पहचान के लिए दिनोश गोप ने एनआईए टीम का नेतृत्व किया. झारखंड के खूंटी जिला के दिनेश गोप को कुलदीप यादव और "बडकू" के नामों भी से जाना जाता है. इससे पहले एनआईए द्वारा पीएलएफआई के लोगों से 25.38 लाख रुपये के विमुद्रीकृत मुद्रा की वसूली से संबंधित मामले में आरोप पत्र दायर किया गया था.

संगठन बेरोजगार युवकों को लालच देकर जोड़ता था

एनआईए की जांच के अनुसार, पहले झारखंड लिबरेशन टाइगर्स (जेएलटी) के रूप में जाना जाता था, पीएलएफआई झारखंड में सैकड़ों आपराधिक घटनाओं के लिए जिम्मेदार है,जिसमें कई हत्याएं की घटना शामिल हैं. पीएलएफआई संगठन बेरोजगार युवकों को मोटर बाइक, मोबाइल फोन और आसानी से पैसा मुहैया कराने का लालच देता था.जबरन वसूली पीएलएफआई की आय का प्रमुख स्रोत है . इसे भी पढ़ें - कपिल">https://lagatar.in/sibal-targeted-the-prime-ministers-statement-said-new-india-will-not-be-saffron-divided-intolerant/">कपिल

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