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BREAKING: आय से अधिक संपत्ति केस में ACB ने विनय चौबे को रिमांड पर लिया

झारखंड के चर्चित शराब घोटाले और आय से अधिक संपत्ति के मामले में घिरे निलंबित आईएएस अधिकारी विनय चौबे की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं.
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Ranchi : झारखंड के चर्चित शराब घोटाले और आय से अधिक संपत्ति के मामले में घिरे निलंबित आईएएस अधिकारी विनय चौबे की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. 

 

बुधवार को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की विशेष अदालत ने विनय चौबे को पूछताछ के लिए रिमांड पर लेने की अनुमति दे दी है. विनय चौबे वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हजारीबाग जेल में बंद हैं, लेकिन स्वास्थ्य कारणों से उनका इलाज रांची के रिम्स अस्पताल में चल रहा है.

 

सुरक्षा और स्वास्थ्य की स्थिति को देखते हुए, बुधवार को उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एसीबी की विशेष अदालत में पेश किया गया. एसीबी ने मामले की गहराई से जांच और साक्ष्यों के मिलान के लिए उनकी कस्टडी मांगी थी, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया.

 

भ्रष्टाचार के इस गंभीर मामले में एसीबी ने 24 नवंबर 2025 को विनय चौबे समेत कुल सात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी. जांच एजेंसी का आरोप है कि विनय चौबे ने लोक सेवक के पद पर रहते हुए अपने पद का दुरुपयोग किया और भ्रष्टाचार के जरिए करोड़ों की काली कमाई की.

 

इस मामले में एसीबी ने न केवल विनय चौबे को, बल्कि उनके परिवार और करीबियों को भी आरोपी बनाया है, जिनमें विनय चौबे स्वप्ना संचिता (पत्नी), सत्येंद्रनाथ त्रिवेदी (ससुर), शिपिज त्रिवेदी (साला), प्रियंका त्रिवेदी (साले की पत्नी), विनय सिंह (सहयोगी) और स्निग्धा सिंह (विनय सिंह की पत्नी) शामिल है.

 

एसीबी की जांच में अब तक कई खुलासे हुए हैं. एजेंसी ने आरोपियों के बैंक स्टेटमेंट, वित्तीय लेन-देन के रिकॉर्ड और निवेश से जुड़े दस्तावेजों का विश्लेषण किया है. जांच के दौरान यह पाया गया कि, विनय चौबे ने प्रथम श्रेणी के लोक सेवक होने के बावजूद अवैध संसाधनों और कमीशन के जरिए भारी मात्रा में धन एकत्र किया.

 

इस अवैध धन को सफेद करने के लिए परिवार के सदस्यों और करीबियों के नाम पर निवेश किया गया. वित्तीय गतिविधियों के विश्लेषण से आय और संपत्ति के बीच भारी अंतर पाया गया है. रिमांड मिलने के बाद अब एसीबी की टीम विनय चौबे से उन बेनामी संपत्तियों और निवेशों के बारे में पूछताछ करेगी, जिनका खुलासा जांच के दौरान हुआ है.

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