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BREAKING : एक करोड़ के इनामी शीर्ष नक्सली नेता किशन दा चौका के पास पत्नी सहित गिरफ्तार

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[caption id="attachment_183934" align="aligncenter" width="287"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2021/11/46-287x300.jpg"

alt="" width="287" height="300" /> किशन जी की पत्नी भी गिरफ्तार[/caption] [caption id="attachment_183935" align="aligncenter" width="280"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2021/11/45-2.jpg"

alt="" width="280" height="300" /> आईबी की टीम किशन जी और उनकी पत्नी की पहचान करती हुई[/caption] Saraikela / Chandil : भाकपा माओवादी के शीर्ष नक्सली नेता सह एक करोड़ का इनामी पोलित ब्यूरो सदस्य किशन दा उर्फ प्रशांत दा उर्फ मनीष को गिरफ्तार कर लिया गया है. उनके साथ उनकी पत्नी शीला मरांडी को भी गिरफ्तार किया गया है. हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नही हुई है. पुष्ट सूत्रों के अनुसार, एक करोड़ के इनामी नक्सली किशन दा पारसनाथ से वापस लौटने के क्रम में कांड्रा चौका मार्ग पर सरायकेला पुलिस द्वारा धर दबोचे गए. इस दौरान आईबी की टीम भी मौजूद रही. पुलिस किशन दा और उनकी पत्नी से पूछताछ कर रही है. किशन दा उर्फ प्रशांत बोस झारखंड, ओड़िशा, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र में सक्रिय रहे हैं. उन पर बिहार छोड़ कर सभी राज्यों ने इनाम घोषित कर रखा था. दोनों को रांची ले जाकर पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है. भाकपा माओवादी में प्रशांत बोस पांच राज्यों के कमेटी के सचिव हैं. प्रशांत बोस मूल रूप से यादवपुर जिला 24 परगना (पश्चिम बंगाल) के निवासी हैं. तीन साल पहले 90 साल के प्रशांत बोस को हार्ट अटैक हुआ था. वे चलने-फिरने में बिल्कुल असमर्थ हैं. इसके बाद झारखंड के पश्चिम सिंहभूम एवं आडिशा में फैले सारंडा जंगल के ‘आजाद क्षेत्र’ में उन्हें ले जाया गया ताकि सुरक्षित रखा जा सके. पारसनाथ से सारंडा तक प्रशांत बोस को माओवादी कैडर कई नाम से जानते हैं. संगठन में उन्हें किशन दा उर्फ मनीष उर्फ बूढ़ा का नाम मिला है. उसी तरह मिसिर बेसरा का नामकरण सुर्निमल उर्फ भास्कर किया गया है. भाकपा माओवादी के पोलित ब्यूरो में प्रशांत बोस एवं मिहिर बेसरा को जगह दी गयी है. इसे भी पढ़ें : EXCLUSIVE">https://lagatar.in/exclusive-why-was-it-difficult-to-catch-kishan-da-a-rs-1-crore-prize-naxalite-how-did-goelkera-escape-in-2018/">EXCLUSIVE

: एक करोड़ के इनामी नक्सली किशन दा को पकड़ना क्यों था मुश्किल, 2018 में गोइलकेरा से कैसे बच निकले?
https://www.youtube.com/watch?v=NyjBeayOLts&feature=youtu.be

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