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121 डॉलर प्रति बैरल पहुंची ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत, 150 डॉलर के लेवल को छूने के आसार

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LagatarDesk : रूस-यूक्रेन वार के कारण कुछ दिन पहले कच्चे तेल की कीमत 130 डॉलर प्रति बैरल के पार कर रही है. हालांकि इसमें थोड़ी नरमी आयी थी. लेकिन एक बार फिर कच्चे तेल के दाम बढ़ने लगे हैं. 24 मार्च को अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 121 डॉलर प्रति बैरल हो गयी है. वहीं डब्लूटीआई क्रूड 113.9 डॉलर प्रति बैरल बिक रहा है.

कच्चे तेल की सप्लाई में गिरावट की आशंका

रिपोर्ट्स की मानें कैस्पियन पाइपलाइन कंसोर्शियम से कच्चे तेल की सप्लाई में गिरावट देखने को मिलेगी. जिससे ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की सप्लाई में और गिरावट की आशंका है. इस खबर के बाद ही ब्रेंट क्रूड एक बार फिर बढ़त के साथ 120 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर गया है. इसे भी पढ़े : मद्रास">https://lagatar.in/madras-high-court-said-god-alone-is-vip-people-are-frustrated-with-vip-culture-in-temples-guidelines-issued/">मद्रास

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150 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को छू सकता है कच्चे तेल के दाम

रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिग्गज इंटरनेशनल कमोडिटी ट्रेडर डाउग किंग ने कच्चे तेल 150 डॉलर प्रति बैरल तक छूने की भविष्यवाणी की है. डाउग किंग ने कहा है कि रूस यूक्रेन के कारण कच्चे तेल के दामों में तेजी रहने की उम्मीद है. दूसरी तरफ कोरोना के मामले घटने के चलते लोग ज्यादा यात्रा कर रहे हैं. जिससे तेल की मांग में उछाल आयेगा.

यूरोपीय यूनियन रूस के पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स पर लगा सकता है बैन

दरअसल यूरोपियन यूनियन द्वारा रूस के पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स पर बैन लगाये जाने के आसार के कारण कच्चे तेल के दामों में देखी जा रही है. यूरोपीय यूनियन इस हफ्ते रूस के कच्चे तेल खरीदने पर रोक लगाने पर विचार कर सकता है. पहले ही रूस पर कई प्रकार के आर्थिक प्रतिबंध लगाये जा चुके हैं. इसे भी पढ़े : Russia-Ukraine">https://lagatar.in/russia-ukraine-war-30-thousand-nato-soldiers-are-doing-maneuvers-on-the-russian-border-world-war-is-looming/">Russia-Ukraine

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कच्चे तेल की सप्लाई रूकी तो दाम में और आयेगा उबाल

मालूम हो कि रूस दुनिया के बड़े तेल उत्पादक देशों में शामिल है. रूस, यूरोप को उसके कुल खपत का 35 फीसदी कच्चा तेल सप्लाई करता है. तो रूस दूनिया में कच्चे तेल का दूसरा सबसे बड़ा एक्सपोर्टर है. भारत भी रूस से कच्चा तेल खरीदता है. दुनिया में 10 बैरल तेल जो सप्लाई की जाती है उसमें एक डॉलर रूस से आता है. ऐसे में कच्चे तेल की सप्लाई बाधित होने से कीमतों में और अधिक तेजी आ सकती है. इसे भी पढ़े : भारी">https://lagatar.in/the-stock-market-opened-with-a-heavy-fall-sensex-fell-by-495-points-kotak-mahindra-bank-was-the-top-loser/">भारी

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