Bihar: नालंदा जिले से भ्रष्टाचार का खुलासा हुआ है, वहां आशा कर्मी की बहाली के नाम पर घूस लिया जा रहा था. नगरनौसा प्रखंड के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC)में पदस्थ बीसीएम मंजीत कुमार को निगरानी विभाग की टीम ने 10 हजार रुपये घूस लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया है. इस कार्रवाई से स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मच गया.
जानकारी के मुताबिक, नगरनौसा की रहने वाली बॉबी कुमारी से आशा कर्मी के तौर पर बहाली को लेकर बीसीएम मंजीत कुमार ने 25 हजार रुपये की मांग की थी. घूस की रकम ज्यादा होने के कारण दोनों में 10 हजार रुपए बात बनी. इसके बाद पीड़िता ने हिम्मत दिखाते हुए पूरे मामले की शिकायत निगरानी विभाग से की.
शिकायत बाद निगरानी विभाग ने मामले की जांच कर जाल बिछाया. तय योजना के मुताबिक, जैसे ही बॉबी कुमारी ने मंजीत कुमार को 10 हजार रुपए दिए, वैसे ही निगरानी टीम ने उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तारी के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल हो गया. निगरानी टीम ने आरोपी को अपने साथ ले गई, जहां उससे पूछताछ की जा रही है. इसके अलावा कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.
बताया जा जाता है कि मंजीत कुमार पहले भी विवादों में घिर चुके हैं और उन पर कई बार आशा कर्मियों ने घूस मांगने के आरोप लग चुके हैं. बता दें, नगरनौसा प्रखंड में एक सप्ताह के भीतर निगरानी विभाग की यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है. इससे पूर्व 20 मार्च को प्रखंड कार्यालय में तैनात एक BPRO को छठ घाट योजना के नाम पर 12 हजार रुपये घूस लेते गिरफ्तार किया गया था.
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