alt="" width="575" height="815" /> जमीन का एलॉटमेंट 22 अगस्त 2017 को कर दिया गया निरस्त बता दें कि चिन्मया विद्यालय में वर्ष 1979 में स्टाफ क्वार्टर बनाने के लिए बीएसएल से अतिरिक्त जमीन की मांग की थी. प्रबंधन ने सकारात्मक पहल करते हुए 1 अप्रैल 1980 को चिन्मया विद्यालय को उसके परिसर से सटे 5 हजार वर्ग मीटर जमीन कुछ शर्त के साथ आवंटित कर दिया था. लेकिन 3 महीने के अंदर चिन्मया स्कूल से संबंधित नक्शे की मांग की गई थी. जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच लीज एग्रीमेंट भी किया जाना था. चिन्मया विद्यालय ने नक्शा भी जमा नहीं किया. इसके बाद बीएसएल प्रबंधन ने चिन्मया विद्यालय को कई बार रिमाइंडर भेजा पर कोई डिजाइन जमा नहीं किया गया. इसके खिलाफ एक्शन लेते हुए बीएसएल प्रबंधन ने 2009 में चिन्मया विद्यालय को कारण बताओ नोटिस जारी किया, लेकिन जो जवाब मांगे गए थे बीएसएल के मुताबिक संतोषप्रद नहीं था. इसके बाद बीएसएल प्रबंधन ने चिन्मया विद्यालय के उक्त 5000 वर्ग मीटर जमीन का एलॉटमेंट 22 अगस्त 2017 को निरस्त कर दिया. इसके बाद चिन्मया विद्यालय द्वारा उक्त भूमि को खाली नहीं करने पर बीएसएल की कोर्ट ने एक केस फाइल किया. इस दौरान कई नोटिस भी चिन्मया विद्यालय को भेजा गया. स्टेट कोर्ट बोकारो स्टील सिटी में सार्वजनिक यानी बेदखली आदेश के अधिनियम 1971 की धारा (3) के तहत जमीन को अब खाली करने का नोटिस दिया गया. बल्कि 1971 की धारा 5 ए (2) के तहत अब आदेश भी पारित कर दिया गया है. जिसके बाद विद्यालय को 29 अगस्त 2022 तक स्वत: खाली करने का निर्देश जारी किया गया था. लेकिन विद्यालय ने इसे खाली अब तक नहीं किया. लिहाजा बीएसएल अब बड़ी कार्रवाई के मूड में है. 29 अगस्त को बलपूर्वक जमीन खाली करने की तैयारी कर रहा है. इसे भी पढ़ें- उच्चतर">https://lagatar.in/jharkhand-ahead-of-neighboring-states-in-enrollment-for-higher-education/">उच्चतर
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