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बोकारो के चिन्मया विद्यालय के खिलाफ कार्रवाई करेगा बीएसएल, चिपकाया नोटिस

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Arvind Kumar Bokaro : बोकारो स्टील प्लांट प्रबंधन नेक्सा के बाद दूसरी बड़ी कार्रवाई के लिए तैयार हो गई है. बता दें कि प्रबंधन शुक्रवार को शहर के बहुचर्चित स्कूल चिन्मया विद्यालय के खिलाफ जमीन अतिक्रमण मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए उसके बाउंड्री वॉल पर नोटिस चिपकाया है. बीएसएल के स्टेट कोर्ट की टीम ने सेक्टर-5 स्थित चिन्मया विद्यालय के मुख्य गेट के समीप नोटिस चिपकाते हुए इस माह की 29 तारीख तक अतिक्रमित जमीन को खाली करने का आदेश जारी किया है. बताया जा रहा है कि चिन्मया विद्यालय तकरीबन साढ़े 5 हजार वर्ग मीटर जमीन पर अवैध कब्जा जमा रखा है. उक्त जमीन पर विद्यालय का खेल मैदान स्थापित किया गया है. मालूम हो कि बीएसएल प्रबंधन द्वारा विगत 12 महीनों में अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत दूसरी बड़ी कार्रवाई के मूड में है. बता दें कि इसके पहले सेक्टर चार स्थित नेक्सा शोरूम की जमीन को विरोध के बावजूद भी खाली करा दिया था. इस दौरान नेक्सा के समीप भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी. भूमि को मुक्त कराने के लिए बीएसएल के अधिकारी काफी सख्त हैं. कई बार एविक्सन नोटिस भी स्कूल को भेजा गया, जिसमें कहा गया था कि जमीन को खाली कर दें, लेकिन चिन्मया ने बीएसएल की बातों को अनसुना कर दिया. जिसके बाद बीएसएल द्वारा नोटिस जारी किया गया है. अबतक बीएसएल को विद्यालय प्रबंधन हल्के में ले रहा था, लेकिन अधिकारियों ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई के संकेत दिए हैं. विद्यालय प्रबंधन को निर्देशित करते हुए कहा है कि 29 अगस्त तक उक्त अतिक्रमित जमीन को खाली कर दें, अन्यथा प्रबंधन जमीन को खाली कराने के लिए डिमोलिशन ड्राइव चलाएगा और जमीन खाली कराने के एवज में विद्यालय से एक लाख जुर्माना भी वसूल करेगा. बीएसएल के संचार प्रमुख मणिकांत धान ने चिन्मया विद्यालय के मुख्य दरवाजे पर नोटिस चिपकाए जाने की पुष्टि भी की है. https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/08/chinmaya-vidyalya-2-575x815.jpg"

alt="" width="575" height="815" /> जमीन का एलॉटमेंट 22 अगस्त 2017 को कर दिया गया निरस्त बता दें कि चिन्मया विद्यालय में वर्ष 1979 में स्टाफ क्वार्टर बनाने के लिए बीएसएल से अतिरिक्त जमीन की मांग की थी. प्रबंधन ने सकारात्मक पहल करते हुए 1 अप्रैल 1980 को चिन्मया विद्यालय को उसके परिसर से सटे 5 हजार वर्ग मीटर जमीन कुछ शर्त के साथ आवंटित कर दिया था. लेकिन 3 महीने के अंदर चिन्मया स्कूल से संबंधित नक्शे की मांग की गई थी. जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच लीज एग्रीमेंट भी किया जाना था. चिन्मया विद्यालय ने नक्शा भी जमा नहीं किया. इसके बाद बीएसएल प्रबंधन ने चिन्मया विद्यालय को कई बार रिमाइंडर भेजा पर कोई डिजाइन जमा नहीं किया गया. इसके खिलाफ एक्शन लेते हुए बीएसएल प्रबंधन ने 2009 में चिन्मया विद्यालय को कारण बताओ नोटिस जारी किया, लेकिन जो जवाब मांगे गए थे बीएसएल के मुताबिक संतोषप्रद नहीं था. इसके बाद बीएसएल प्रबंधन ने चिन्मया विद्यालय के उक्त 5000 वर्ग मीटर जमीन का एलॉटमेंट 22 अगस्त 2017 को निरस्त कर दिया. इसके बाद चिन्मया विद्यालय द्वारा उक्त भूमि को खाली नहीं करने पर बीएसएल की कोर्ट ने एक केस फाइल किया. इस दौरान कई नोटिस भी चिन्मया विद्यालय को भेजा गया. स्टेट कोर्ट बोकारो स्टील सिटी में सार्वजनिक यानी बेदखली आदेश के अधिनियम 1971 की धारा (3) के तहत जमीन को अब खाली करने का नोटिस दिया गया. बल्कि 1971 की धारा 5 ए (2) के तहत अब आदेश भी पारित कर दिया गया है. जिसके बाद विद्यालय को 29 अगस्त 2022 तक स्वत: खाली करने का निर्देश जारी किया गया था. लेकिन विद्यालय ने इसे खाली अब तक नहीं किया. लिहाजा बीएसएल अब बड़ी कार्रवाई के मूड में है. 29 अगस्त को बलपूर्वक जमीन खाली करने की तैयारी कर रहा है. इसे भी पढ़ें- उच्चतर">https://lagatar.in/jharkhand-ahead-of-neighboring-states-in-enrollment-for-higher-education/">उच्चतर

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