Ranchi : सदन की कार्यवाही शुरू होते ही भाजपा और आजसू के विधायक नियोजन नीति के मुद्दे को लेकर फिर से वेल में आ गये और हंगामा करने लगे. इस दौरान विधायक नीलकंठ सिंह मुंडा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने सदन में ही कहा था कि 1932 का खतियान आधारित स्थानीय नीति लागू करने में कुछ कानूनी अड़चन आ सकता है. फिर भी कुछ दिन बाद वे 1932 का खतियान आधारित स्थानीय नीति लाये. अब हाईकोर्ट से नियोजन नीति रद्द होने के बाद 2016 के पहले वाली नियोजन नीति लेकर आये हैं. यह सरकार बेरोजगारों के साथ खिलवाड़ कर रही है. सरकार ऐसे ही 2024 पार करने के चक्कर में है. नियोजन नीति पर फैसला कैबिनेट में लिया गया. क्या सरकार सदन से ऊपर है. उन्होंने कहा कि अगर नियोजन नीति पर जवाब नहीं मिला, तो विधानसभा में आयोजित होली मिलन में बीजेपी शामिल नहीं होगी.
राज्य का ज्वलंत मुद्दा रहा है स्थानीय और नियोजन नीति-सुदेश महतो
आजसू विधायक सुदेश महतो ने कहा कि स्थानीय और नियोजन नीति राज्य का ज्वलंत मुद्दा रहा है. लेकिन नियोजन नीति का प्रस्ताव कैबिनेट में आता है. विधानसभा पर भरोसा नहीं किया गया. यह गलत है. विपक्ष के लगातार हंगामे को देखते हुए स्पीकर में विधानसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी.
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