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कैबिनेट का फैसला, जनगणना 2027 के लिए 11,718 करोड़ के बजट पर मुहर लगाई

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जानकारी दी  2026-2027 में देशभर में जनगणना दो चरणों में होगी. पहले चरण में हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग की जनगणना होगी, यह अप्रैल से सितंबर 2026 तक चलेगी. दूसरे चरण में जनसंख्या की गणना होगी, जो फरवरी 2027 से शुरू होगी.
 

New Delhi :  जनगणना को लेकर बड़ी खबर आयी है. खबर यह है कि केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में 2027 में होनेवाली जनगणना के लिए 11,718 करोड़ के बजट पर मुहर लगा दी गयी है. अहम बात यह है कि पहली बार देशभर में डिजिटल जनगणना होगी. जनगणना के काम में 30 लाख कर्मचारी लगाये जायेंगे.  

 

 
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज शुक्रवार को जानकारी दी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट में तीन बड़े और महत्वपूर्ण फैसले लिये गये हैं. पहला फैसला 2027 की जनगणना को लेकर है. कहा कि जनगणना  के लिए 11,718  करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया गया है.


दूसरा फैसला  देश के कोयला सेक्टर में बड़े रिफॉर्म को लेकर है. यह Coal Setu के माध्यम से होगा. तीसरा फैसला किसानों के कल्याण के लिए है.   


केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जानकारी दी  2026-2027 में देशभर में जनगणना दो चरणों में होगी. पहले चरण में हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग की जनगणना होगी, यह अप्रैल से सितंबर 2026 तक चलेगी. दूसरे चरण में जनसंख्या की गणना होगी, जो फरवरी 2027 से शुरू होगी.  केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जनगणना का डिजिटल डिजाइन डेटा संरक्षण को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है.  


कोयले के उत्पादन के संदर्भ में वैष्णव ने जानकारी दी कि भारत कोयले के उत्पादन में आत्मनिर्भरता की दिशा में बढ़ रहा है. बताया कि 2024-2025 में भारत ने ऐतिहासिक रूप से एक अरब टन से ज्यादा कोयले का उत्पादन किया है. कोयले के इंपोर्ट पर निर्भरता कम होने से देश ने 60 हजार करोड़ रुपये की बचत की है.

 

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