बीडीओ पर जानलेवा हमला करने वाले तीन बालू तस्कर गिरफ्तार
alt="" width="600" height="300" />
स्वयंसेवकों का था अहम योगदान
गांव को निर्मल ग्राम बनाने में साक्षरता अभियान में लगे स्वयंसेवकों का अहम योगदान रहा था. इन लोगों ने अलौदिया गांव का चयन कर ग्रामीणों को स्वच्छता का पाठ पढ़ाया. वह स्वर्णिम दौर था जब प्लास्टिक और टीन के शेड से शौचालय घिरा हुआ था. दरवाजे पर पर्दा टंगा हुआ शौचालय सभी के घरों में देखे जा सकते थे. लेकिन वर्तमान में गांव की स्थिति पहले जैसी नहीं रही.वर्तमान में सभी के पास नहीं शौचालय
गांव में स्वच्छ भारत मिशन के द्वारा बनवाए गए शौचालय भी सभी के यहां नहीं है. पर गांव को ऑडिट रिपोर्ट में शौच मुक्त गांव बताया जा रहा है. अलौदिया गांव में ही अवस्थित है शुक्रवारीय साप्ताहिक बाजार, जहां से सरकार सालाना लाखों का राजस्व मिलता है. लेकिन दुकानदारों और व्यापारियों के लिए सुविधाएं मौजूद नहीं है. धूप और बरसात से बचने के लिए शेड की व्यवस्था नहीं है. और ना ही बाजार आए खरीददारों के आवागमन के लिए अच्छी सड़क है.alt="" width="600" height="300" /> इसे भी पढ़ें– 3">https://lagatar.in/stayed-with-the-mother-of-3-children-after-separating-her-from-her-husband-then-left-accused-inspector-suspended/">3
बच्चों की मां को पति से अलग करवाकर साथ रहा, फिर छोड़ा, आरोपी दारोगा सस्पेंड

Leave a Comment