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नीट-यूजी 2026 की पुनर्परीक्षा में अंक संबंधी विसंगति मामला: हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका

झारखंड हाईकोर्ट ने नीट-यूजी 2026 की पुनर्परीक्षा में अंक संबंधी विसंगति से संबंधित लक्ष्य सिंह की याचिका पर सुनवाई की. कोर्ट के निर्देश के आलोक में एनटीए की ओर से संबंधित अभ्यर्थी की मूल ओएमआर शीट सीलबंद लिफाफे में अदालत के समक्ष प्रस्तुत की गई. मूल ओएमआर शीट में अभ्यर्थी द्वारा दी गई जानकारी सही नहीं पाई गई.
 

Ranchi: झारखंड हाईकोर्ट ने नीट-यूजी 2026 की पुनर्परीक्षा में अंक संबंधी विसंगति से संबंधित लक्ष्य सिंह की याचिका पर सुनवाई की. कोर्ट के निर्देश के आलोक में एनटीए की ओर से संबंधित अभ्यर्थी की मूल ओएमआर शीट सीलबंद लिफाफे में अदालत के समक्ष प्रस्तुत की गई. इसके बाद प्रार्थी द्वारा याचिका वापस लेने के आग्रह को देखते हुए कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी. 

 

मामले की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति आनंद सेन की अदालत में हुई. पिछली सुनवाई में कोर्ट ने पूछा था कि यदि अभ्यर्थी लक्ष्य सिंह की वेबसाइट पर अपलोड की गई ओएमआर शीट के अनुसार 660 अंक बन रहे हैं, तो परिणाम में उसे केवल 116 अंक क्यों दिए गए. अदालत ने एनटीए को निर्देश दिया कि वह संबंधित अभ्यर्थी की मूल ओएमआर शीट सीलबंद लिफाफे में अदालत के समक्ष प्रस्तुत करने को कहा था. साथ ही, टेस्ट बुकलेट (सीरियल नंबर 265208914) और रोल नंबर 2603107066 से संबंधित मूल रिकॉर्ड भी पेश करने को कहा गया था. 

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याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया था कि अभ्यर्थी ने एनटीए की वेबसाइट पर उपलब्ध ओएमआर शीट का फोटो स्कैन किया, जिसके आधार पर उसे 720 में से 660 अंक मिल रहे हैं. इसके बावजूद जारी परिणाम में मात्र 116 अंक दिए गए हैं. उन्होंने मूल ओएमआर शीट मंगाने का आग्रह किया ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके.

 

उल्लेखनीय है कि लक्ष्य सिंह ने नीट-यूजी 2026 की पुनर्परीक्षा में कम अंक दिए जाने को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी. अदालत अब एनटीए से इस अंतर का स्पष्ट जवाब मांग रही है.

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