हेमंत सोरेन अविलंब सकारात्मक निर्णय लें
तिर्की ने कहा कि झारखंड गठन के बाद सच्चे अर्थो में यहां के आदिवासियों, मूलवासियों, अन्य पिछड़े वर्गों को वह लाभ नहीं मिल पाया, जिन सपनों को पूरा करने के लिए राज्य का गठन किया गया था. इसीलिए यह जरूरी है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इस संदर्भ में अविलंब सकारात्मक निर्णय लें. तिर्की ने कहा कि झारखंड में वर्षों से अनेक लोग वंचित और पिछड़े हैं और उनके लिए सरकार ने अनेक लाभकारी योजनाएं बनायी और उन्हें कार्यान्वित भी किया. परंतु जनगणना की एक कमी के कारण आरक्षण और लाभकारी योजनाओं का फायदा वैसे अनेक लोगों को नहीं मिल पा रहा, जिन्हें उसकी जरूरत है और जो उसके अधिकारी हैं.नजरअंदाज नहीं किया जा सकता
तिर्की ने कहा कि बिहार में जातिगत आधार पर जनगणना के विरुद्ध सर्वोच्च न्यायालय में कुछ लोगों द्वारा दायर याचिका के संदर्भ में न्यायाधीशों द्वारा कही गयी बातें इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि आज के संदर्भ में जातिगत जनगणना समय की मांग है. यह सामाजिक स्तर की वैसी जरूरत है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.इसे भी पढ़ें – संसद">https://lagatar.in/parliament-vs-supreme-court-rijiju-releases-video-of-ex-judge-supreme-court-cannot-make-law/">संसद
बनाम सुप्रीम कोर्ट : रीजीजू ने पूर्व न्यायाधीश का वीडियो जारी किया, सुप्रीम कोर्ट कानून नहीं बना सकता…

Leave a Comment