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नोटबंदी के दौरान गबन मामले में तीन आरोपी CBI कोर्ट से बरी

नोटबंदी के दौरान हुए लाखों रुपये के गबन मामले में तीन आरोपियों को सीबीआई की विशेष अदालत ने बरी कर दिया. जिन्हें बरी किया किया गया उनमें तत्कालीन कार्यवाहक पोस्टमास्टर डोमिनिक जोसेफ मिंज, तत्कालीन ट्रेजरर शिव रंजन प्रसाद और तत्कालीन डाक सहायक चेपो उरांव शामिल है. यह मामला डोरंडा मुख्य डाकघर में नोटबंदी के दौरान हुए कथित लाखों रुपये के गबन से जुड़ा है.
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  • डोरंडा मुख्य डाकघर का मामला

Ranchi : नोटबंदी के दौरान हुए लाखों रुपये के गबन मामले में तीन आरोपियों को सीबीआई की विशेष अदालत ने बरी कर दिया. जिन्हें बरी किया किया गया उनमें तत्कालीन कार्यवाहक पोस्टमास्टर डोमिनिक जोसेफ मिंज, तत्कालीन ट्रेजरर शिव रंजन प्रसाद और तत्कालीन डाक सहायक चेपो उरांव शामिल है. यह मामला डोरंडा मुख्य डाकघर में नोटबंदी के दौरान हुए कथित लाखों रुपये के गबन से जुड़ा है.

 

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपियों के खिलाफ लगे आरोपों को साबित करने विफल  रहा है. आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य भी अपर्याप्त थे. अदालत को ट्रायल के दौरान बचाव पक्ष की ओर से बताया गया कि डाकघर के रिकॉर्ड और वास्तविक नकदी में कोई अंतर नहीं था.
 

दरअसल, यह घटना नवंबर 2016 में नोटबंदी के समय की है. 8 नवंबर से 11 नवंबर 2016 के बीच डोरंडा डाकघर के अधिकारियों द्वारा मिलीभगत कर सरकारी खजाने में हेराफेरी का आरोप सीबीआई ने इनपर लगाया था.

 

इनके द्वारा नई और पुरानी करेंसी के मिलान में गड़बड़ी कर करीब 4.82 लाख रुपये  का गबन किया गया था. सीबीआई ने इस मामले में आईपीसी की धारा 409, 120B और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत चार्जशीट दाखिल की थी.

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