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2797 करोड़ की धोखाधड़ी मामले में CBI की कार्रवाई, अनिल अंबानी और राणा कपूर के खिलाफ आरोप पत्र दायर

  • फर्जी लेन-देन और कथित वित्तीय धोखाधड़ी
  • यस बैंक को लगभग 2796.77 करोड़ का नुकसान हुआ

Lagatar Desk :  केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने कथित फर्जी वित्तीय लेन-देन से जुड़े दो मामलों में मुंबई की एक अदालत में आरोपपत्र दाखिल किए हैं. यह आरोपपत्र अनिल अंबानी के एडीए ग्रुप की कंपनियां रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (RCFL) व रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL) और यस बैंक व उसके पूर्व CEO राणा कपूर और उनके परिवार के स्वामित्व वाली कंपनियों के खिलाफ दाखिल किया गया है.

 

 

राणा कपूर के अलावा उनकी पत्नी बिंदु कपूर और बेटियां राधा कपूर व रोशनी कपूर का इस कंपनी में स्वामित्व है. इन सभी पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (PC Act) और भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप तय किए गए हैं.

 

सीबीआई के अनुसार, यह घोटाला उस समय हुआ, जब अनिल अंबानी ADA ग्रुप के चेयरमैन और रिलायंस कैपिटल लिमिटेड के निदेशक थे. रिलायंस कैपिटल RCFL और RHFL की होल्डिंग कंपनी है. 

 

सुनियोजित धोखाधड़ी का आरोप

यह पूरा मामला 2022 में शुरू हुआ था, जब यस बैंक के मुख्य सतर्कता अधिकारी ने शिकायत दर्ज कराई थी. जांच में सामने आया कि वर्ष 2017 में यस बैंक ने राणा कपूर की मंजूरी पर  RCFL के गैर-परिवर्तनीय डिबेंचर और वाणिज्यिक ऋणों में लगभग 2045 करोड़ और RHFL के डिबेंचर और वाणिज्यिक पत्रों में 2965 करोड़ का निवेश किया था.

 

यह निवेश उस समय किया गया जब CARE रेटिंग्स ने इन कंपनियों को ‘निगरानी’ श्रेणी में रखा था और उनकी वित्तीय स्थिति पहले से ही गिरावट में थी. सीबीआई के अनुसार, इन निवेशों को बाद में कई स्तरों पर गबन कर लिया गया, जिससे सार्वजनिक धन का संगठित दुरुपयोग हुआ. 

 

निजी हितों के लिए पद का दुरुपयोग

जांच में यह भी पता चला कि अनिल अंबानी और राणा कपूर ने एक साजिश रची थी. इसके तहत राणा कपूर ने अपने पद का गलत इस्तेमाल कर यस बैंक के पैसे को जानबूझकर एडीए समूह की आर्थिक रूप से कमजोर कंपनियों में स्थानांतरित किया गया. इसके बदले में  एडीए समूह ने राणा कपूर के परिवार की कंपनियों को सस्ते दर पर ऋण और निवेश की सुविधा दी. 

 

सीबीआई ने यह भी बताया कि RCFL और RHFL ने राणा कपूर की पत्नी और बेटियों के स्वामित्व वाली कंपनियों को रियायती दरों पर ऋण सुविधाएं उपलब्ध कराईं, जिससे इन घाटे में चल रही पारिवारिक इकाइयों को अवैध लाभ हुआ. 

 

यस बैंक को भारी नुकसान

इस कथित धोखाधड़ी के चलते यस बैंक को लगभग 2796.77 करोड़ का नुकसान हुआ. वहीं, एडीए समूह की कंपनियों और कपूर परिवार से जुड़ी अन्य इकाइयों को अवैध लाभ मिला. 

 

म्यूचुअल फंड्स के जरिए भी हुआ निवेश

सीबीआई के अनुसार,  अनिल अंबानी के निर्देश पर रिलायंस निप्पॉन म्यूचुअल फंड्स ने वर्ष 2017-18 में राणा कपूर की कंपनी मॉर्गन क्रेडिट्स प्राइवेट लिमिटेड के डिबेंचर में 1760 करोड़ का निवेश किया.

फंड्स ने यस बैंक से एडीए समूह के 249.80 करोड़ मूल्य के डिबेंचर भी खरीदे. फेलोशिप म्यूचुअल फंड्स द्वारा यस बैंक के एटी1 बॉन्ड्स में 1750 करोड़ का निवेश किया गया. ये बॉन्ड्स जोखिमपूर्ण माने जाते हैं और दिवालिया स्थिति में सबसे अंत में भुगतान किए जाते हैं. 

 

आरोपी संस्थाएं और व्यक्ति

अनिल अंबानी

राणा कपूर

बिंदु कपूर, राधा कपूर, रोशनी कपूर

RCFL, RHFL (अब मिड ऑथम इन्वेस्टमेंट एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड)

RAB एंटरप्राइजेज, इमैजी एस्टेट्स, ब्लिस हाउस प्रा. लि., इमैजी हैबिटैट्स, इमैजीयोर रेजिडेंस

मॉर्गन क्रेडिट्स प्रा. लि.

 

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