Ranchi/Ramgar : रामगढ़ स्थित सयाल कोलियरी की तरह ही न्यू बिरसा कोलियरी में भी बड़े पैमाने पर खेल चालू है. न्यू बिरसा कोलियरी में भी इस बार मात्र 2071 रुपये प्रति टन (अधिकतम) के हिसाब के बीडिंग (नीलामी) हुआ है. हालांकि यह रेट बेस प्राइस से कुछ अधिक है. न्यू बिरसा कोलियरी के कोयला का ग्रेड-8 है.
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एक कोयला कारोबारी ने बताया कि पहले न्यू बिरसा कोलियरी के कोयला की बीडिंग 2500 से 3000 के बीच होती थी. लेकिन इस बार यहां भी कोयला कारोबारियों ने 2021 रूपये से लेकर 2071 रुपये के बीच ही बीडिंग की है. इससे पता चलता है कि सयाल की तरह ही यहां भी खेल शुरु हो गया है.
सूत्रों ने बताया कि पिछले काफी दिनों से उन कोयला कारोबारियों को कॉल करके कहा जा रहा था कि वह बीडिंग नहीं करेंगे, जो पहले न्यू बिरसा कोलियरी के कोयला खरीदने के लिए बीडिंग में शामिल होते थे. उन्हें यह धमकी दी जाती थी कि अगर बीडिंग में शामिल होंगे, तो कोयला उठने ही नहीं दिया जायेगा. इस बार वो लोग सफल हो गये.

हाल में हुई बीडिंग की रिपोर्ट.
इसी तरह के कॉल डेढ़ साल पहले सयाल कोलियरी के कोयले के लिए बीडिंग करने वाले कारोबारियों को आये थे. जिसके बाद भी कई कारोबारियों ने बीडिंग की. लेकिन वह कोयला का उठाव नहीं कर सके. कोयला का उठाव करने में कोलियरी की स्थानीय कमेटी की भूमिका महत्वपूर्ण होती है. सयाल में पप्पु के अलावा नीतीश, तो न्यू बिरसा में सोना राम मांझी व संजय करमाली भूमिका महत्पवूर्ण है.
कोयला बीडिंग से जुड़े आंकड़े बताते हैं कि कुछ खास कंपनियां ही हैं, जो हर माह सयाल कोलियरी के कोयले की नीलामी में पिछले डेढ़ साल से भाग ले रही थी. न्यू बिरसा कोलियरी का कोयला खरीदने वालों को अब डर यह लग रहा है कि अब इस कोलियरी से भी कोयला खरीदना असंभव हो जायेगा.
उल्लेखनीय है कि जो खेल रामगढ़ के सयाल व न्यू बिरसा कोलियरी में चल रहा है, यह खेल वर्षों पहले धनबाद में शुरु हुआ था. इस खेल ने ऐसे-ऐसे लोगों को जन्म दिया, जिनके सामने अब कोल कंपनी से लेकर केंद्रीय जांच एजेंसियां और स्थानीय पुलिस-प्रशासन तक कार्रवाई नहीं कर पाते. वजह से इससे होने वाली अकूत कमाई.

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