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सीडीएस बिपिन रावत ने कहा, भारत का नंबर वन दुश्मन चीन है, पाकिस्तान नहीं, दुस्साहस किया तो उसी की भाषा में जवाब देंगे

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NewDelhi : जनरल बिपिन रावत ने कहा है कि भारत का नंबर वन दुश्मन चीन है, पाकिस्तान नहीं. कहा कि गलवान जैसी घटना या इस तरह के किसी भी दुस्साहस का जवाब देने के लिए भारतीय सेना तैयार हैं.  अगर चीन ने इस तरह का दुस्साहस फिर किया तो उसे उसी की भाषा में जवाब मिलेगा. साथ ही बिपिन रावत ने कहा कि हमारी कोशिश है कि दोनों देश की सेनाएं अप्रैल 2020 के पहले की स्थिति में आ जायें. बिपिन रावत टाइम्स नाउ समिट के कार्यक्रम में बोल रहे थे. इसे भी पढ़ें : पीएम">https://lagatar.in/pm-modi-launched-two-schemes-of-rbi-common-man-will-be-able-to-invest-easily/">पीएम

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चीनी सेना की साजिशों का भारत मजबूती से सामना कर रहा है

जान लें कि कश्मीर में पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित आतंकवाद और लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल(एलएसी) पर चीनी सेना की साजिशों का भारत मजबूती से सामना कर रहा है. इसी क्रम में चीफ ऑफ डिफेंस स्टॉफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत ने कहा कि पाकिस्तान भारत का नंबर वन दुश्मन नहीं बल्कि चीन है.  पिछले कई महीनों से भारत-चीन सीमा पर गतिरोध बना हुआ है। इस स्थिति को लेकर बिपिन रावत ने कहा कि वास्तविक नियंत्रण रेखा पर भारत का प्राथमिक फोकस डी-एस्केलेशन से पहले विघटन है क्योंकि चीन हमारा नंबर एक दुश्मन है, न कि पाकिस्तान. इसे भी पढ़ें : राहुल">https://lagatar.in/rahul-gandhi-admits-bjps-ideology-overshadowed-congress/">राहुल

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दो मोर्चों पर दुश्मनों का सामना करना पड़ सकता है

रावत ने कहा कि भारत को आने वाले समय में दो मोर्चों पर दुश्मनों का सामना करना पड़ सकता है.  अरुणाचल प्रदेश सीमा पर गांव बसाने की खबरों पर सीडीएस ने कहा, चीनी सेना ने पुरानी संरचना पर नया ढांचा बनाया है.  वो अपनी सीमा क्षेत्र का विकास कर रहे हैं. आज लोगों को सैटेलाइट एवं गूगल के जरिए तस्वीरें मिल रही हैं. इस तरह की तस्वीरें पहले नहीं मिलती थीं. कहा कि  किसी तस्वीर के सामने आने से कब्जे की बात सामने आ जाती है. जनरल बिपिन रावत ने  कहा कि चीनी सेना सीमा पर विकास कर रही है तो भारत भी लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) और उसके आसपास के क्षेत्रों में विकास कर रहा है. कहा कि  हम एलएसी के आस-पास पहले सड़कों का निर्माण नहीं करते थे. लोगों में भय था कि निर्माण करने से चीनी सैनिक आकर इसे तोड़ देंगे लेकिन अब ऐसा नहीं है. सीडीएस बिपिन रावत ने कहा कि गलवान घाटी की घटना के बाद भारत और चीन सैनिकों के बीच कई बार आमना-सामना हुआ. दोनों देशों की कोशिश है कि सैनिकों को इतने करीब आने से रोका जाये. [wpse_comments_template]  

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