Ranchi : झारखंड में चल रहे जनगणना 2027 के कार्य में लगे फील्ड कर्मियों और प्रगणकों को जमीनी स्तर पर भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. विशेषकर राज्य के ग्रामीण इलाकों में डेटा संग्रहण का काम खासा प्रभावित हो रहा है. जब प्रगणक अपनी तय की गई लोकेशन और ग्रामीण कार्यक्षेत्रों में पहुंच रहे हैं, तो अधिकांश लोगों के घरों पर ताले लटके मिल रहे हैं.
झारखंड के विभिन्न जिलों में तैनात प्रगणकों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका, मजदूरी और खेती-किसानी के काम-काज के सिलसिले में ग्रामीण सुबह ही अपने घरों से निकल जाते हैं. इसके बाद वे देर शाम या रात को ही वापस लौटते हैं.
इस दैनिक दिनचर्या के कारण प्रगणकों और ग्रामीणों का समय मेल नहीं खा पा रहा है. स्थिति ऐसी है कि एक ही परिवार या घर की आवश्यक जानकारी और मकान सूचीकरण का डेटा जुटाने के लिए प्रगणकों को चार से पांच बार चक्कर काटने पड़ रहे हैं.
बार-बार एक ही स्थान पर जाने की मजबूरी के कारण जनगणना के काम में सामान्य से काफी अधिक समय लग रहा है. इस वजह से जनगणना की रफ्तार धीमी पड़ने की आशंका पैदा हो गई है.
प्रगणकों के अनुसार, जो कार्य तय समय सीमा के भीतर आसानी से पूरा हो जाना चाहिए था, उसमें अब दो से तीन गुना ज्यादा वक्त और मेहनत लग रही है. इससे न केवल फील्ड स्टाफ पर काम का बोझ बढ़ गया है, बल्कि पूरे ब्लॉक और क्लस्टर की रिपोर्टिंग में भी देरी हो रही है.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.


Leave a Comment