Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

नामकुम और रांची सैन्य अस्पताल के इस्तेमाल की अनुमति दे केंद्र, चिकित्सीय संसाधन उपलब्ध कराएगी सरकार : सीएम

Advertisement
Advertisement
  • मुख्यमंत्री ने कहा, सेना का सहयोग मिलने से संक्रमितों का बेहतर इलाज संभव होगा, मरीजों का बढ़ेगा विश्वास

Ranchi : राज्य में बढ़ते कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या को देखते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सेना के नामकुम (रांची) और रामगढ़ अस्पताल को कोरोना मरीजों के इस्तेमाल की अनुमति की बात की है. उन्होंने कहा है कि अगर केंद्र इसकी अनुमति देता है तो राज्य सरकार वहां ऑक्सीजन युक्त बेड बढ़ाने, वेंटिलेटर की सुविधा समेत अन्य सभी चिकित्सीय जरूरत के संसाधनों को उपलब्ध कराएगी. यह बात उन्होंने संक्रमण के बढ़ते मामले को लेकर सेना के वरीय अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक के दौरान कही.

बैठक में राज्य सरकार सहित सेना के कई आला अधिकारी थे उपस्थित

इस दौरान मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, विकास आयुक्त अरुण कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, नगर विकास और आवास विभाग के सचिव विनय कुमार चौबे, आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव डॉ अभिताभ कौशल के अलावा सेना से ब्रिगेडियर सह रांची के स्टेशन कमांडर संजय कटियार, नामकुम मिलिट्री हॉस्पिटल के कमांडेंट ब्रिगेडियर रजत शुक्ला और कर्नल के. विवेक उपस्थित थे.

सेना और जनभागीदारी से होगा संक्रमण पर नियंत्रण

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 की वजह से जिस तरह के हालात पैदा हो रहे हैं, उसमें सेना राज्य सरकार को सहयोग करे. मुख्यमंत्री ने कहा कि सेना के अस्पतालों में अनुभवी चिकित्सक और पारा मेडिकल कर्मी और अन्य मानव बल उपलब्ध हैं. इनका सहयोग मिलने से निश्चित तौर पर कोरोना मरीजों का बेहतर इलाज हो सकेगा. सेना और जनभागीदारी से ही कोरोना पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित कर सकते हैं.

जिलों का सर्किट बनाने की हो रही पहल

मुख्यमंत्री ने कहा, रांची, जमशेदपुर, धनबाद समेत छह जिले कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं. इसके साथ रांची में सबसे ज्यादा कोविड-19 के मरीज हर दिन मिल रहे हैं और दूसरे जिलों से भी इलाज के लिए बड़ी संख्या मे संक्रमित रांची पहुंच रहे हैं. इस वजह से रांची में मरीजों की संख्या काफी बढ़ गई है, लेकिन अस्पतालों की क्षमता उस हिसाब से नहीं है.ऐसे में मरीजों के इलाज में दिक्कतें भी आ रही है. ऐसे में सरकार इन जिलों का सर्किट बनाकर वहां बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार कर रही है. सेना के अधिकारियों से हेमंत ने कहा कि सेना अपना सहयोग करती है तो मरीजों का विश्वास बढ़ेगा और रांची जैसे जिलों में मरीजों के आने की संख्या भी कम होगी.

आइसोलेशन सेंटर बनाने की हो रही तैयारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि 1000 बेड का आइसोलेशन सेंटर बनाने की भी तैयारी सरकार कर रही है. यहां आइसोलेशन में रहने वाले संक्रमितों का देखभाल बेहतर तरीके से किया जाएगा. उन्होंने इसमें भी सेना से सहयोग करने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि अगर सभी अस्पतालों का शत प्रतिशत क्षमता का इस्तेमाल हो तो मरीजों को बेड के लिए परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा.

रक्षा मंत्रालय गंभीरता से कर रहा विचार

सेना के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि उनके द्वारा प्रधानमंत्री को जो पत्र लिखा गया है, उसपर केंद्रीय रक्षा मंत्रालय काफी गंभीरता से विचार कर रहा है. सेना के अस्पतालों और मानव बल का कोरोना संक्रमण और मरीजों के इलाज में सहयोग लेने के सिलसिले में मंत्रालय द्वारा जो निर्देश मिलेगा, उसी के हिसाब से वे आगे की कार्रवाई करेंगे.

राज्य में सेना अस्पताल में है कुल 520 बेड

मुख्यमंत्री को बताया गया कि राज्य में सेना के दो अस्पताल नामकुम और रामगढ़ में है, जिसमें कुल 520 बेड है. रांची के सैन्य अस्पताल में कुल बेड़ों की संख्या लगभग 400 है. इसमें से 200 बेड कोविड मरीजों के लिए है. यहां 18 ऑक्सीजन युक्त बेड हैं और 30 बेड पर ऑक्सीजन की सुविधा उपलब्ध कराने की पहल शुरू हो गई है. वहीं, रामगढ़ में 120 बेड का अस्पताल है. मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर सेना अपने सैन्य अस्पताल में कुछ बेड सामान्य मरीजों के लिए उपलब्ध कराए. सरकार की ओर से सभी बेडों पर ऑक्सीजन की व्यवस्था कराई जाएगी.

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही