alt="" width="600" height="400" /> समिति के सदस्य.[/caption] इसे भी पढ़ें : शुभमन">https://lagatar.in/shubman-gills-innings-was-unbelievable-sunil-gavaskar/">शुभमन
गिल की पारी अविश्सनीय : सुनील गावस्कर
सात बहनों में से एक ब्राह्मणी का वास होता यहां
पहाड़ से सरायकेला खरसावां, पश्चिमी सिंहभूम और खूंटी जिले के सीमांत इलाकों को देखा जा सकता है. स्थानीय लोग यहां देवी भगवती की सात बहनों में से एक ब्राह्मणी का वास मानते हैं. यह सबसे बड़ी बहन है. ऐसी आस्था है कि आषाढ़ में खेतों को अच्छी बारिश की जरूरत होती है तो सैकड़ों की तादाद में जाकर लोग इस पहाड़ पर नंगे पैर नुकीले पत्थरों पर चलकर खड़ी चढ़ाई के बाद मां की पूजा-अर्चना करते हैं. इसके बाद बारिश भी होती है. इसे भी पढ़ें : क्रिकेट">https://lagatar.in/cricket-second-odi-with-new-zealand-on-january-21-india-eyeing-unbeatable-lead/">क्रिकेट: न्यूजीलैंड के साथ दूसरा वनडे 21 जनवरी को, भारत की नजर अजेय बढ़त पर
पहाड़ पर एक गुफा में साधु संत करते थे पूजा
पहाड़ पर एक गुफा है. गुफा में आदि काल में साधु संतो के वास करने और ध्यान लगाने की बातें कही जाती हैं. यह गुफा अब भी है. लोग इस गुफा में आधी दूर तक ही जा पाते हैं. रिसर्च में इस गुफा को जैन काल का बताया गया है. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-students-of-saint-robert-high-school-became-aware-of-the-provisions-of-the-pocso-act/">जमशेदपुर: पोक्सो एक्ट के प्रावधानों से अवगत हुए संत रॉबर्ट हाई स्कूल के छात्र
टोकलो होकर जा सकते हैं लोग
चक्रधरपुर से केरा-झरझरा पीडब्ल्यूडी सड़क या टोकलो होकर रोंडा गांव पहुंचा जा सकता है. गांव में वाहन छोड़कर स्थानीय गाइड की मदद से पहाड़ पर चढ़ना होगा. पहाड़ की चोटी तक पहुंचने में करीब दो घंटे लगते हैं. इसे भी पढ़ें : HC">https://lagatar.in/hc-order-regularize-the-service-daily-wage-workers-for-20-years-order-copy-sent-chief-secretary/">HCका आदेश: 20 साल से दैनिक वेतनभोगी कर्मियों की सेवा नियमित करें, मुख्य सचिव को भेजी आदेश कॉपी
पहाड़ के उत्थान के लिए सोसाइटी कर रही है काम
[caption id="attachment_531210" align="aligncenter" width="300"]alt="" width="300" height="289" /> समिति के सचिव गौरी शंकर महतो.[/caption]
पिछले कई वर्षों से मां ब्राह्मणी पहाड़ की उत्थान को लेकर हेल्थ सोसाइटी की ओर से काम किया जा रहा है. आने वाले दिनों यह तीर्थ अथवा पर्यटन स्थल का रूप दिया जा सकता है. सरकार यादि बेहतर तरीके से सर्वें कर विकास करें तो यहां के लोगों को रोजगार उपलब्ध हो सकता है. गांव के लोग गाइड बनकर उक्त स्थल का निरीक्षण करा सकते है. होटल से लेकर हर तरह की सुविधा दिया जा सकता है. देश के विभिन्न राज्यों से लोगों यहां पहुंचते है. गौरीशंकर महतो, सचिव सह मां ब्राह्मणी उत्थान समिति के संस्थापदक सदस्य
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विकास का काम हो तो लोगों को मिलेगा रोजगार
[caption id="attachment_531215" align="aligncenter" width="300"]alt="" width="300" height="300" /> मुकेश बिरुवा.[/caption]
सरकार यदि मां ब्राह्मणी पहाड़ का योजना बनाकर विकास करती तो यहां के लोगों को रोजगार मिल सकता है. स्थानीय स्तर से हम लोग प्रयास करते हैं कि बेहतर से बेहतर सुविधाएं यहां आने वाले श्रद्धालुओं को मिले लेकिन अधिक धनराशि खर्च होने की वजह से हम लोग नहीं कर पाते हैं. सरकार से मांग है कि इसे तीर्थ अथवा पर्यटन स्थल घोषित कर यहां का क्षेत्र का विकास करें. मुकेश बिरूवा, ग्रामीण मुंडा सह सचिव मां ब्राह्मणी उत्थान समिति, रोंडा
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सरकार की ओर पहल नहीं करना दुर्भाग्यपूर्ण
[caption id="attachment_531208" align="aligncenter" width="225"]alt="" width="225" height="300" /> देवराज सोय.[/caption]
मां ब्राह्मणी पहाड़ का उत्थान को लेकर बरसों से एक समिति बनाकर काम किया जा रहा है. लेकिन सरकार की ओर से किसी तरह का पहल नहीं किया गया है, जो एक दुर्भाग्यपूर्ण है. सरकार यदि सहयोग इसमें करती तो आने वाले दिनों में यह एक रोजगार का भी केंद्रबिंदु होगा. सरकार से मांग है कि यहां का सीढ़ी के साथ आसपास श्रद्धालुओं के रहने के लिए स्थान बनाए. ताकि लोगों का आवागमन बना रहेगा. देश के विभिन्न राज्यों से लोग यहां दर्शन के लिए आते हैं. यह एक इतिहास ऐतिहासिक जगह है. देवराज सोय, सदस्य, मां ब्राह्मणी उत्थान समिति
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