Chaibasa : सदर अस्पताल स्थित नेत्र चिकित्सालय में नेत्र चिकित्सकों की घोर कमी है. यहां नेत्र चिकित्सक के नाम पर केवल दो सहायक नेत्र चिकित्सक अपनी सेवाएं दे रहे हैं. लेकिन मुख्य चिकित्सक के नहीं होने से मरीजों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है. मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी के पद पर वर्तमान में पदस्थापित डॉ. एसएस टोपनो मूल रूप से राजनगर प्रखंड में पदस्थापित है. सप्ताह में केवल दो दिन सोमवार और मंगलवार को उनकी यहां पर ड्यूटी होती है. इस दौरान न केवल मरीजों को देखना बल्कि कोई मरीज ऑपरेशन कराने आए तो उसका ऑपरेशन भी उन्हें ही करना पड़ता है. ऐसे में यदि इन दो दिनों में मरीजों के आंख का ऑपरेशन हो गया तो ठीक वरना मरीजों को फिर अगले सप्ताह तक इंतजार करना पड़ता है. इसे भी पढ़े : रांची">https://lagatar.in/opposition-to-agneepath-scheme-in-ranchi-youth-said-abolish-pension-salary-of-mlas-and-mps/">रांची
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alt="" width="600" height="375" /> जांच के लिए बैठे नेतरहाट विद्यालय के चयनित बच्चे.[/caption] एक डॉ. सीमा सिंह पीजी बॉन्ड पर यहां कार्यरत है, लेकिन उनकी भी समयावधि 15 अगस्त को खत्म हो जाएगी. वर्तमान में नेत्र चिकित्सा का पूरा भार दो सहायक चिकित्सकों पर है, जो मरीजों के आंख से संबंधित विभिन्न समस्याओं को देखते हैं और उनके दवाओं को लिखते हैं. शनिवार को नेतरहाट विद्यालय में नामांकन के लिए चयनित बच्चों की प्रारंभिक टेस्ट और चिकित्सा इन्हीं दोनों सहायक चिकित्सक द्वारा की गई. लेकिन बच्चों को लंबे समय तक सहायक चिकित्सक के लिए इंतजार करना पड़ा तब जाकर उनकी जांच की गई. यहां नेत्र चिकित्सक पदस्थापन नहीं होने के कारण इसका खामियाजा यहां के लोगों को उठाना पड़ रहा है. इसे भी पढ़े : जमशेदपुर:">https://lagatar.in/jamshedpur-case-registered-against-200-unknown-in-jugsalai-police-station-for-blocking-rail-wheel/">जमशेदपुर:
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नेत्र जांच कराने के लिए करना पड़ता है इंतजार
[caption id="attachment_334942" align="aligncenter" width="600"]alt="" width="600" height="375" /> जांच के लिए बैठे नेतरहाट विद्यालय के चयनित बच्चे.[/caption] एक डॉ. सीमा सिंह पीजी बॉन्ड पर यहां कार्यरत है, लेकिन उनकी भी समयावधि 15 अगस्त को खत्म हो जाएगी. वर्तमान में नेत्र चिकित्सा का पूरा भार दो सहायक चिकित्सकों पर है, जो मरीजों के आंख से संबंधित विभिन्न समस्याओं को देखते हैं और उनके दवाओं को लिखते हैं. शनिवार को नेतरहाट विद्यालय में नामांकन के लिए चयनित बच्चों की प्रारंभिक टेस्ट और चिकित्सा इन्हीं दोनों सहायक चिकित्सक द्वारा की गई. लेकिन बच्चों को लंबे समय तक सहायक चिकित्सक के लिए इंतजार करना पड़ा तब जाकर उनकी जांच की गई. यहां नेत्र चिकित्सक पदस्थापन नहीं होने के कारण इसका खामियाजा यहां के लोगों को उठाना पड़ रहा है. इसे भी पढ़े : जमशेदपुर:">https://lagatar.in/jamshedpur-case-registered-against-200-unknown-in-jugsalai-police-station-for-blocking-rail-wheel/">जमशेदपुर:
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