: लिपुंगा गांव में सैकड़ों ग्रामीण मलेरिया व मौसमी बीमारी से ग्रसित, स्वास्थ्य शिविर लगाने की मांग
एनसीटीई की ओर से इन कॉलेजों को सुधार के लिए दिया गया है मौका
इसी तरह जामिनीकांत महतो कॉलेज घाटशिला, एमबीएनएस इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन आसनबनी व मधुसुदन टीचर एजुकेशन कॉलेज चक्रधरपुर शामिल है. अब इन बीएड कॉलेजों में इस साल सत्र 2022-23 में दाखिला नहीं लिया जा सकेगा. इन बीएड कॉलेजों को परफॉर्मेंस अप्रेजल रिपोर्ट (पीएआर) दाखिल नहीं करने के कारण ब्लैक लिस्ट किया गया है. हालांकि कई कॉलेजों ने पीएआर रिपोर्ट जमा करने की बात कही है. कई कॉलेजों के पीएआर एक्सेप्ट होने के बावजूद भी उसे ब्लैक लिस्ट किया गया है. जिसके कारण कई कॉलेज असमंजस की स्थिति में है. हालांकि एनसीटीई की ओर से इन कॉलेजों को कुछ सुधार के लिए मौका दिया गया है. निर्धारित समय पर यदि दोबारा एनसीटीई को रिपोर्ट नहीं करेंगे तो संभवत बीएड कॉलेजों को ताला लगाना पड़ सकता है. इसे भी पढ़ें :आदित्यपुर">https://lagatar.in/adityapur-devotees-dance-throughout-the-night-in-bhagwati-jagran-in-kandra-bandhkuli-on-ganesh-pujaotsav/">आदित्यपुर: गणेश पूजनोत्सव पर कांड्रा-बांधकुली में भगवती जागरण में रातभर झूमे श्रद्धालु
क्या है पीएआर रिपोर्ट जानें
परफॉर्मेंस अप्रेजल रिपोर्ट (पीएआर) के तहत कॉलेज के शिक्षकों की संख्या, शिक्षकों के वेतन, सीट व विद्यार्थियों की संख्या ऑनलाइन दर्ज करनी होती है. यह जानकारी इन कालेजों ने ऑनलाइन एनसीटीई से साझा नहीं की और यही लापरवाही इस बार इन पर भारी पड़ गई. कई बार रिमाइंडर देने के बाद राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) ने इन कालेजों पर बड़ी कार्रवाई कर दी. सत्र 2021-22 की परफार्मेंस अप्रेजल रिपोर्ट जमा नहीं किया गया है. कोल्हान विश्वविद्यालय के प्रवक्ता डॉ. पीके पाणी ने कहा कि कोल्हान विश्वविद्यालय के कुछ प्राइवेट बीएड कॉलेजों को एनसीटीई द्वारा ब्लैक लिस्ट किया गया है. लेकिन अभी तक विश्वविद्यालय के पास किसी तरह का पत्र नहीं आया है. जिसके कारण पुष्टि नहीं हो पा रहे हैं. पीएआर रिपोर्ट नहीं देने की वजह से ब्लैक लिस्ट होने की संभावना हो सकती है. इसे भी पढ़ें :किरीबुरू">https://lagatar.in/kiriburu-hundreds-of-villagers-suffering-from-malaria-and-seasonal-diseases-in-lipunga-village-demand-for-health-camps/">किरीबुरू: लिपुंगा गांव में सैकड़ों ग्रामीण मलेरिया व मौसमी बीमारी से ग्रसित, स्वास्थ्य शिविर लगाने की मांग [wpse_comments_template]

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