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चाईबासा : झारखंड आंदोलनकारी के परिवार के साथ असामाजिक तत्वों ने किया छेड़छाड़

Chaibasa : चक्रधरपुर ओवर ब्रिज के पास बीती रात असामाजिक तत्वों द्वारा झारखंड आंदोलनकारी व उनकी पत्नी के साथ मारपीट व छेड़छाड़ करने का मामला प्रकाश में आया है. सोमवार को इस मामले को लेकर आंदोलनकारी व उनके परिवार वालों ने चक्रधरपुर थाना में शिकायत दर्ज करायी है. लेकिन अभी तक युवकों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है. आंदोलनकारी ने लिखित शिकायत में बताया कि कराईकेला थाना के ओटार गांव से अपने घर धातकीडीह 9 बजे पहुंचा. जिसके बाद मैं बाजार के तरफ निकल गया. इसी बीच मेरी पत्नी ने फोन किया कि जहरीही सांप ने मुझे काट लिया है. मेरी पत्नी ओटार गांव में थी. मैं तुरंत कहा कि कुछ लोगों के साथ जितनी जल्दी हो सके चक्रधरपुर अस्पताल आ जाओ. कुछ देर बाद मेरे पत्नी अनुमंडल अस्पताल पहुंची. उसके बाद मेरे दोनों बेटे और मैं अनुमंडल अस्पताल पहुॅचे. इसे भी पढ़े : चाईबासा">https://lagatar.in/chaibasa-administrative-officers-in-podahat-should-not-work-to-impose-the-nature-of-development-on-the-concept-of-common-area-sunny-sinku/">चाईबासा

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डॉक्टर ने खून का सैंपल लेकर जांच की. जांच में सबकुछ नार्मल पाये जाने पर डॉक्टर ने हमें घर जाने की सलाह दी. जिसके बाद हम सब लगभग 11 बजे अपने घर के लिए निकले. इसी दौरान भारत भवन के पास पहुंचे फिर हम दोनों पति-पत्नी यहीं पर रुके और मेरे दोनों बेटों ने स्टेशन से कुछ खाने का समान लाने के लिए चले गए. क्योंकि डॉक्टर के अनुसार कुछ खाने के बाद दवा खाने को कहा गया था. समय करीब सवा ग्यारह हो रहा था. उसी वक्त पीछे से दो लड़के आए और  हम दोनों को गाली गलौज करने लगे. मैंने अपना परिचय दिया. पता बताया. उसके बाबजुद मेरी एक भी बात नहीं सुनी और मेरे साथ मारपीट करना शुरु कर दिया. मेरी पत्नी के साथ छेड़खानी शुरु करने लगा. दो लड़को ने मिल कर इस घटना को अंजाम दिया. छेड़छाड़ के दरमियान मैंने दन्दासाई एवं बंगलाटांण्ड के कुछ लोगो का नाम भी लिया. जिन्हें मैं अच्छी तरह से जानता हुं वो लोग भी मुझे जानते है. पत्नी मदद की गुजारिश करती रही. आने जाने वालों को अवाज दी. लेकिन वो सब भी चले गयें. उस दरमियान एक व्यक्ति आवाज सुनकर पहुँचा और बीच-बचाव करने लगा. तब तक मेरे दोनों बेटे खाना लेकर आ गये. बेटे को आता देख दोनों लड़के धमकी देते हुए भाग खड़े हुए. भागने के दरमियान वहीं पर एक का मोबाईल गिरा गया. उसको मैं उठा के रख लिया. पुलिस के समक्ष शिकायत पत्र के साथ मोबाइल भी जमा कर दिया. आंदोलनकारी के परिवार वालों ने मांग किया कि ऐसे असामाजिक युवकों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और उस पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए. शिकायत मिलते ही पुलिस जांच में जुट गई है. [wpse_comments_template]

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