- यात्रियों को हुई परेशानी, बंदी में अधिकतर दुकानें नहीं खुलीं
: भाजपा नेत्रियों ने निकाली न्याय यात्रा पिंगुवा ने कहा कि एससी/एसटी समुदाय के लोगों को आज तक आर्थिक रूप से पिछड़े हुए हैं, निजी संस्थानों में उन्हें आरक्षण की सुविधा नहीं मिलती है और वर्ष 2011 की जनगणना के आंकड़ों के अनुसार देश में लगभग 12 करोड़ आदिवासी निवास करते हैं. इनकी जिम्मेदारी कौन लेगा, यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट इस तरह का फैसला को अविलंब आपस ले या फिर से उसपर पुनर्विचार करने की आवश्यकता है. इस तरह क् फैसले से आदिवासी समुदायों का अस्तित्व जल, जंगल, जमीन और संविधान में दिए गए अधिकारों को खत्म करने का बहुत बड़ा षड्यंत्र है. इसलिए केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा लाई गई कानून पर कोई हस्तक्षेप नहीं कर रहा है. इस तरह का कानून भारत की जनता लिए बुरा साबित होगा. इसे भी पढ़ें : Ghatshila">https://lagatar.in/ghatshila-bandh-had-mixed-effect-in-ghatshila-block-area-government-establishments-remained-open/">Ghatshila
: घाटशिला प्रखंड क्षेत्र में बंद का रहा मिला-जुला असर, सरकारी प्रतिष्ठान रहे खुले
बंद से यह हुआ असर
चाईबासा के बस स्टैंड से रांची, भुवनेश्वर, पटना, हजारीबाग समेत ओडिशा के कई शहरों के लिए बसें खुलती हैं, लेकिन भारत बंद को देखते हुए सुबह से ही बस का परिचालन पूरी तरह से ठप रहा. उधर, चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन से राउरकेला तक जाने वाले सुबह पैसेंजर ट्रेन को भी रद्द कर दिया गया. सिर्फ एक्सप्रेस ट्रेन का ही परिचालन देखने को मिला. लंबी दूरी की बसों के आलावा अन्य छोटे वाहनों का परिचालन पूरी तरह से बंद रहा. इसके कारण लाखों रुपये का नुकसान हुआ है. शहर में कारोबार भी ठप रहा. बड़ी-बड़ी दुकानें बंद थीं. हालांकि देर शाम तक अधिकतर दुकानों को खोल दिया गया. इसे भी पढ़ें : Jamshedpur">https://lagatar.in/jamshedpur-bjp-golmuri-mandal-launched-public-awareness-campaign-regarding-yuva-akrosh-rally/">Jamshedpur: युवा आक्रोश रैली को लेकर भाजपा गोलमुरी मंडल ने चलाया जन जागरूकता अभियान
चौक चौराहों से लेकर सड़कों पर पुलिस प्रशासन कर रहा पहरा
पश्चिमी सिंहभूम जिला पुलिस प्रशासन की ओर से भारत बंदी को देखते हुए चौक चौराहों पर पुलिस का पहरा लगा दिया गया था. जगह-जगह पर दंडाधिकारी की नियुक्ति की गई थी. इसके साथ ही पश्चिमी सिंहभूम के एसपी आशुतोष शेखर ने सभी पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया था कि किसी भी तरह का उपद्रव ना हो. इस पर पूरी तरह से नजर बनाए रखें, ताकि सरकारी संपत्ति का नुकसान ना हो. इसके अलावा उपायुक्त ने दंडाधिकारी को भी निर्देश दिया कि वैसे लोगों को चिन्हित करें जो सरकारी संपत्ति को नुकसान करने की फिराक में रहते हैं. शांतिपूर्ण तरीके से बंदी हो इसका समर्थन किया जाए, उपद्रव फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए. इसे भी पढ़ें : बोकारो">https://lagatar.in/bokaro-mixed-effect-of-bandh-in-bermo/">बोकारो: बेरमो में बंद का मिला-जुला असर [wpse_comments_template]
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