Chaibasa (Ramendra Kumar Sinha) : नगर परिषद चाईबासा में सब्जियों के गीले कचरे से जैविक खाद का निर्माण किया जा रहा
है. जैविक खाद बाजार के गीले कचरे से तैयार हो रहा
है. गीला कचरा अर्थात हरी सब्जियों के वैसे
अवशिष्ठ जिन्हें विक्रेताओं
तोड़ कर फेंक देते है, नगर परिषद के कर्मचारी उन सारे फेंके हुए गीले कचरे को इकट्ठा कर
पीट में डालकर उससे जैविक खाद निर्माण का कार्य कर रहे
हैं. इस कार्य को मूर्त रूप देने के लिए नगर परिषद क्षेत्र के विभिन्न हाट बाजारों यथा मंगला हाट, मधु बाजार का हाट,
बड़ी बाजार, छोटा गुदरी हाट में लगने वाले बाजार से हटकर
पीटो को तैयार किया गया है और प्रतिदिन सुबह यहां पर फेंके गए गीले कचरे को उठाकर उन
पीटो में डाल दिया जाता
है. और भर जाने के बाद उसके
उपर गोबर का लेप चढ़ा कर उसे बंद कर दिया जाता है.
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में बढ़ रहे अपराध को लेकर चिराग पासवान ने नीतीश कुमार पर बोला हमला 10 रुपये किलो की दर से खाद को बेचा जाता है
एक निर्धारित समय के बाद जैविक प्रक्रिया के तहत ये सारे गीले कचरे दानेदार खाद में तब्दिल हो जाते हैं फिर इन खाद को जरूरतमंदों के बीच
₹10 किलो की दर से बेच दिया जाता
है. स्वच्छ भारत मिशन शहरी क्षेत्र के मुख्य गोविंद सिंह ने बताया की अभी गीले कचरे से जैविक खाद निर्माण की प्रक्रिया
थोड़ी धीमी है पर आने वाले दिनों में इसमें तेजी आएगी और इसे और भी
बड़े पैमाने पर हम जैविक खाद को तैयार कर जरूरतमंदों के बीच भेजेंगे इससे न केवल कचरे का निष्पादन होगा बल्कि जरूरतमंदों को सामान मिल जाएगा.
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