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चाईबासा : मोटर व्हीकल एक्ट को समझने की जरूरत है : जस्टिस दीपक रोशन

मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल पर कार्यशाला में झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति दीपक रोशन हुए शामिल ड्राइविंग लाइसेंस के बिना के वाहन चलाने पर दंड का प्रावधान : विश्वनाथ शुक्ल Chaibasa (Sukesh Mahto) : जिला विधिक सेवा प्राधिकार पश्चिमी सिंहभूम चाईबासा के तत्वावधान में एकदिवसीय जिला स्तरीय मोटर एक्सिडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल पर कार्यशाला का आयोजन वन प्रशिक्षण विद्यालय के सभागार में सम्पन्न हुआ.कार्यशाला में पीड़ित परिवार को ससमय और उचित मुआवजा दिलाने के प्रावधानों के सरलीकरण पर विशेष रूप से चर्चा हुई. कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रुप में उपस्थित झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति दीपक रोशन ने कहा कि मोटर व्हीकल से जुड़े विभिन्न पहलुओं को समझने का यह महत्त्वपूर्ण अवसर है. कार्यशाला के माध्यम से हितधारक अपने जानकारी में वृद्धि कर समाज को और बेहतर योगदान दे सकते हैं. विशिष्ट अतिथि प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार विश्वनाथ शुक्ल ने बताया कि मोटर व्हीकल एक्सीडेंट से जुड़े क्लेम के मामले में कानून का पालन होना बेहद आवश्यक है. बिना ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन चलाने पर दंड का प्रावधान है. ऐसी बहुत सारी बातें हैं जिनको ध्यान रखकर ऐसे मामले को कम किया जा सकता है. लोगों को आयुक्त हरि केसरी, डीआईजी मनोज रतन चौथे और सचिव, जिला बार एसोसिएशन अगस्टिन कुल्लू ने भी संबोधित किया. कार्यशाला में मुख्य वक्ता झारखंड उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद कुमार लाल ने उपस्थित लोगों को मोटर दुर्घटना क्लेम से संबंधित सूक्ष्म बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी प्रदान की. इसे भी पढ़ें : झारखंड">https://lagatar.in/there-is-a-possibility-of-rain-in-jharkhand-for-the-next-four-days-orange-alert/">झारखंड

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मुआवजा भुगतान में अड़चनों को दूर करने के उपाय

उन्होंने दुर्घटना के शिकार परिवार वालों को ससमय और उचित मुआवजा के भुगतान में आने वाले प्रावधानों के अड़चनों और उसे दूर करने के उपाय बताया. साथ ही मोटर दुर्घटना कानून में 2022 में हुए संशोधनों का उल्लेख करते हुए कहा की सड़क दुर्घटना के मामले में 30 दिनों के अंदर पुलिस को इससे संबंधित कागजात न्यायालय में प्रस्तुत करना है. ऐसा नहीं होने पर संबंधित कोर्ट को इसकी सूचना देना आवश्यक है. उन्होंने इससे संबंधित नियमों और नीतियों का विस्तृत वर्णन भी किया, लोगों ने उनसे कई सवाल भी पूछे. इससे पूर्व कार्यशाला का विधिवत उद्घाटन सभी अतिथियों ने दीप प्रज्वलन कर किया. मंच का संचालन प्राधिकार के सदस्य विकास दोदराजका ने किया. जबकि अतिथियों का स्वागत और धन्यवाद ज्ञापन प्राधिकार के सचिव राजीव कुमार सिंह ने किया. इस अवसर पर जिला न्यायालय के सभी न्यायिक पदाधिकारी, उपायुक्त कुलदीप चौधरी, एसपी आशुतोष शेखर, एलएडीसी के अधिकारी, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रामेश्वर प्रसाद, अधिवक्तागण, पुलिस पदाधिकारी, पीएलवी, कर्मचारीगण और अन्य हितधारक उपस्थित थे. इसे भी पढ़ें : सिब्बल">https://lagatar.in/sibal-said-on-the-appointment-of-election-commissioners-and-elections-in-seven-phases-they-are-running-the-country-contrary-to-the-constitution-what-are-the-courts-doing/">सिब्बल

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