Ranchi : पश्चिमी सिंहभूम जिले के कोलबोंगा क्षेत्र स्थित सारंडा जंगल में आईईडी विस्फोट की चपेट में आकर घायल हुए जंगली हाथी की गुरुवार देर शाम मौत हो गई. करीब एक सप्ताह तक वन विभाग और पशु चिकित्सकों की टीम हाथी को बचाने में जुटी रही. लेकिन गंभीर जख्म और बढ़ते संक्रमण के कारण उसकी जान नहीं बच सकी.
जानकारी के अनुसार, बीते 4 मई को कोलबोंगा जंगल में हुए आईईडी विस्फोट की चपेट में आने से हाथी बुरी तरह घायल हो गया था. विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि हाथी का एक पैर गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया.
घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जंगल के भीतर ही अस्थायी उपचार केंद्र बनाकर उसका इलाज शुरू किया गया. पशु चिकित्सकों की टीम लगातार हाथी को दवाईयां देने, संक्रमण रोकने और उसकी स्थिति स्थिर रखने का प्रयास कर रही थी.
हालांकि इलाज के दौरान हाथी के जख्म में तेजी से संक्रमण फैलने लगा, जिससे उसकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई. पशु चिकित्सक डॉ. संजय घोलतकर ने बताया कि विस्फोट के कारण हाथी के पैर में गहरा घाव हो गया था.
शुरुआती उपचार के बावजूद संक्रमण तेजी से बढ़ा और हालत गंभीर होती गई. उन्होंने कहा कि चिकित्सकीय टीम ने हर संभव प्रयास किया, लेकिन चोट अत्यधिक गंभीर होने के कारण हाथी को बचाया नहीं जा सका.
वन विभाग ने बताया कि हाथी का पोस्टमार्टम कराया जाएगा, ताकि मौत के वास्तविक कारणों की विस्तृत पुष्टि हो सके. घटना के बाद वन विभाग के अधिकारियों और वन्यजीव प्रेमियों में शोक का माहौल है.
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