Chaibasa (Sukesh kumar): कला और लोक साहित्य जगत में राजाराम महतो के निधन से शोक की लहर है. रोलाडीह निवासी और क्षेत्र के प्रतिष्ठित लोकगीत साहित्यकार राजाराम महतो ने बीते दिन अंतिम सांस ली. उन्होंने अपनी लोककला और गीतों के माध्यम से समाज को नई दिशा देने का काम किया. वे रोलाडीह गांव के प्रसिद्ध गुरु कार्तिक महतो के शिष्य थे.
उन्होंने अपने गुरु की विरासत को न केवल संभाला, बल्कि लोक गीतों के साहित्य को एक नई ऊंचाई प्रदान की. उनकी रचनाओं में ग्रामीण जीवन, माटी की महक और सामाजिक सरोकार स्पष्ट रूप से झलकता है. लोगों ने कहा कि राजाराम महतो का जाना केवल एक व्यक्ति का जाना नहीं, बल्कि लोक साहित्य के एक युग का अंत है.
साहित्य प्रेमियों और स्थानीय लोगों ने इसे लोक संस्कृति के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया है. उन्होंने अपनी लेखनी से क्षेत्रीय भाषा और संस्कृति के संरक्षण में अतुलनीय योगदान दिया. लोगों ने उनके पैतृक निवास पर श्रद्धांजलि दी.
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