के बाद मुस्लिम संस्थाएं आईं आगे, दहेज मुक्त शादी के लिए चलाएंगी मुहिम
बुराई से दूर रहना और इबादत में वक्त गुजारना रोजा
मौलानाओं ने तकरीर में कहा कि रमजान माह में अल्लाह रब्बुल इज्जत खुद रोजेदारों की इबादतों का शबाब देता है. हर बुराई से दूर रहना और अल्लाह की इबादत में वक्त गुजारना रोजा होता है. इस महीने में अल्लाह अपने बंदों के लिये बरकत और रहमत के दरवाजे खोल देता है. नमाज के उपरांत रोजेदारों ने अल्लाह की बारगाह में अमन-चैन, भाईचारा और बारिश के लिए दुआ की. प्रचंड धूप व गर्मी में भी मस्जिदों में नमाजियों से खचाखच भरी रही.रमजान में नेकियां करें और गुनाहों की माफी मांगे
मौलानाओं ने कहा कि रोजेदारों को अप्रैल माह की गर्मी भी खूब परेशान कर रही है. दिन निकलते ही आसमान से ही आग बरसनी शुरू हो जाती है, लेकिन रोजेदारों को डिगा नहीं पा रही है. रोजेदार सुबह ही अपनी सहरी के साथ रोजा रखते हैं और दिन भर इबादत करते हैं फिर शाम को इफ्तार करते हैं. रोजा रखना सबसे बड़ा धर्म है. इसमें हर इंसान को नेकियां करनी चाहिए और अपने गुनाहों की माफी मांगनी चाहिए. इसे भी पढ़ें: किरीबुरु">https://lagatar.in/kiriburu-christian-community-prays-in-church-on-good-friday/">किरीबुरु: ईसाई समुदाय ने गुड फ्राइडे पर की चर्च में प्रार्थना [wpse_comments_template]

Leave a Comment