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चाईबासा: मस्जिदों में नमाज-ए-जुमा पर अमन-शांति की दुआ

Chaibasa: रमजान की दूसरी जुमा की नमाज में रोजेदारों ने गुनाहों की तौबा की एवं गर्मी से निजात के लिये रहमत की बारिश एवं मुल्क में भाईचारे और अमन-शांति बनाए रखने की दुआ की. शहर के जामा मस्जिद, सदर बाजार मस्जिद, असरा मस्जिद व मदीना मस्जिद में नमाज-ए-जुमा अदा कराते हुए मौलानाओं ने आह्वान किया कि अल्लाह और उसके रसूल के साथ मोहब्बत रखना हो तो गुनाहों को छोड़ना पड़ेगा. इसे भी पढ़ें: उल्मा">https://lagatar.in/after-ulma-muslim-organizations-came-forward-will-campaign-for-dowry-free-marriage/">उल्मा

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बुराई से दूर रहना और इबादत में वक्त गुजारना रोजा

मौलानाओं ने तकरीर में कहा कि रमजान माह में अल्लाह रब्बुल इज्जत खुद रोजेदारों की इबादतों का शबाब देता है. हर बुराई से दूर रहना और अल्लाह की इबादत में वक्त गुजारना रोजा होता है. इस महीने में अल्लाह अपने बंदों के लिये बरकत और रहमत के दरवाजे खोल देता है. नमाज के उपरांत रोजेदारों ने अल्लाह की बारगाह में अमन-चैन, भाईचारा और बारिश के लिए दुआ की. प्रचंड धूप व गर्मी में भी मस्जिदों में नमाजियों से खचाखच भरी रही.

रमजान में नेकियां करें और गुनाहों की माफी मांगे

मौलानाओं ने कहा कि रोजेदारों को अप्रैल माह की गर्मी भी खूब परेशान कर रही है. दिन निकलते ही आसमान से ही आग बरसनी शुरू हो जाती है, लेकिन रोजेदारों को डिगा नहीं पा रही है. रोजेदार सुबह ही अपनी सहरी के साथ रोजा रखते हैं और दिन भर इबादत करते हैं फिर शाम को इफ्तार करते हैं. रोजा रखना सबसे बड़ा धर्म है. इसमें हर इंसान को नेकियां करनी चाहिए और अपने गुनाहों की माफी मांगनी चाहिए. इसे भी पढ़ें: किरीबुरु">https://lagatar.in/kiriburu-christian-community-prays-in-church-on-good-friday/">किरीबुरु

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