: सदर अस्पताल में डायलिसिस सेंटर बंद, प्राइवेट क्लीनिक में मरीजों को अधिक देना पड़ रहा पैसा
बढ़ा किराया वापस लेने की माँग
इसे लेकर एक दुकानदार सतीश पुरी ने बताया की दुकान सदर अस्पताल के द्वारा अनुदान के पर आय वृद्धि योजना के तहत दिया गया था. जिससे दुकानदारों की आय हो और अस्पताल परिसर भी सुरक्षित रहे. इसलिए इस अस्पताल के परिसर के चारों तरफ लगभग 75 दुकान बनाई गई थी. सभी दुकानों का औसतन भाड़ा 400 रुपया निर्धारित किया गया तथा प्रति तीन वर्ष पर उसमें 10 प्रतिशत बढ़ोतरी का प्रावधान किया गया था. इसे भी पढ़ें : चाईबासा">https://lagatar.in/chaibasa-kolhan-university-will-create-history-by-awarding-the-highest-number-of-researchers-till-date/">चाईबासा: अब तक के सबसे अधिक शोधार्थियों काे अवार्ड दे इतिहास रचेगा कोल्हान विवि उन्होंने बताया कि यह सरासर गलत है, यह दुकानें उन्हें अनुदान पर मिली है ताकि उनकी आयवृद्धि हो सके पर अस्पताल प्रबंधन इसे अपने आय से जोड़ कर देख रहा है. उन्होंने कहा कि अगर बात नहीं बनती है तो सभी दुकानदार इस मामले को लेकर कोर्ट जाएंगे. [wpse_comments_template]

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