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चाईबासा: डीएसई से मिले शिक्षक संघ के प्रतिनिधि,  वेतन स्थगित नहीं करने का आग्रह

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Chaibasa: झारखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ पश्चिमी सिंहभूम इकाई के प्रतिनिधि मंडल ने प्रधान सचिव उपेन्द्र प्रसाद की अगुवाई में सोमवार को जिला शिक्षा अधीक्षक अनिल चौधरी से मिलकर ई-विद्यावाहिनी में शत प्रतिशत स्कूली बच्चों के डाटा इंट्री एवं सत्यापन में विलंब होने की स्थिति में वेतन स्थगित नहीं करने का आग्रह किया. मालूम हो कि जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं जिला शिक्षा अधीक्षक ने पत्र के माध्यम से शिक्षकों से कहा है कि बच्चों को सरकार की ओर से मिलने वाली सुविधाएं यथा-पोशाक, छात्रवृत्ति, स्कूली किट एवं साइकिल क्रय के लिए राशि डीबीटी प्रणाली से भेजने के लिए जल्द से जल्द ई-विद्यावाहिनी में डाटा इंट्री एवं सत्यापन कार्य शत प्रतिशत करें. अन्यथा वेतन स्थगित रखा जाएगा. इसे भी पढ़ें: Economic">https://lagatar.in/economic-survey-indian-economy-is-in-better-condition-inflation-rate-has-decreased/">Economic

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शिक्षा अधीक्षक को समस्या से अवगत कराया  

शिक्षकों ने शिक्षा अधीक्षक को समस्या से अवगत कराया कि बैंक खाता के बिना बच्चों का डाटा का सत्यापन नहीं हो रहा है. बताया गया कि शिक्षकों ने सभी स्कूली बच्चों का बैंक खाता खोलने के लिए विभिन्न बैंकों में आवेदन जमा किया है. बैंक अपनी क्षमता के अनुसार प्रतिदिन बच्चों का खाता खोल रहे हैं. हालांकि खाता खोलने का काम बैंक काफी धीमी गति से कर रहे हैं. जिसके कारण बच्चों का सत्यापन कार्य धीमा चल रहा है.

वेतन स्थगित रहने से मागे पर्व पर पड़ेगा असर

प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा अधीक्षक के समक्ष बात रखी कि पश्चिमी सिंहभूम में काफी संख्या में हो आदिवासी समुदाय की शिक्षक-शिक्षिकाएं हैं और माह फरवरी में उनका सबसे बड़ा पर्व मागे होने वाला है. वेतन स्थगित रहने की स्थिति में पर्व फीका पड़ने की संभावना है. लिहाजा वेतन स्थगित नहीं किया जाए. प्रतिनिधिमंडल में संगठन सचिव दिनेशचंद्र सावैयां, सामु चरण देवगम, लक्ष्मण हेम्ब्रम, सूर्यकांत बिरुवा आदि शामिल थे. इसे भी पढ़ें: वकीलों">https://lagatar.in/land-dispute-is-becoming-the-reason-behind-violent-incidents-with-lawyers-in-some-cases-threats-received-for-losing-the-case/">वकीलों

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