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चक्रधरपुर : पंचायत प्रतिनिधियों को नहीं मिला फंड, क्षेत्र में विकास कार्य बाधित

Chakradharpur : चक्रधरपुर की सिलफोड़ी पंचायत की मुखिया मेलानी बोदरा ने कहा कि 15वें वित्त आयोग से मिलने वाली राशि को जारी गाइडलाइन के तहत ही खर्च करना होता है. जिसे दो भागों में बांटा गया है, आधारभूत अनुदान और आबाद्ध अनुदान. आधारभूत अनुदान यानि अनटाइड ग्रांट का उपयोग संबंधित निकाय द्वारा स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार योजनाओं के क्रियान्वयन में किया जाता है. लेकिन वेतन, मानदेय अथवा स्थापना व्यय मद में खर्च नहीं किया जा सकता है. वहीं आबाद्ध अनुदान यानि टाइड ग्रांट की मद की राशि का उपयोग संबंधित निकाय द्वारा स्वच्छता एवं ओडीएफ स्टेटस को बनाये रखने से संबंधित कार्य एवं पेयजल स्वच्छता, वर्षा जल संरक्षण एवं जल के पुनःचक्रण से संबंधित कार्य के लिए खर्च किये जाते हैं. उन्होंने कहा कि चुनाव के छह महीने बीतने के बावजूद टाइड योजना से संबंधित कार्य के लिए राशि नहीं भेजी गई है.

मेलानी बोदरा, मुखिया सिलफोड़ी पंचायत, चक्रधरपुर

[caption id="attachment_408911" align="aligncenter" width="574"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/09/CKP-Asantalia.jpg"

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पंचायतों के ग्रामीणों की समस्या दूर करने के लिए रहती हूं तत्पर

चक्रधरपुर की केन्दो पंचायत की मुखिया लगातार तीन बार मुखिया पद पर जीत हासिल कर चुकी है. उन्होंने कहा कि पंचायत की समस्याओं को चिन्हित कर ग्रामीणों की समस्या दूर करने के लिए मैं हमेशा तत्पर रहती हूं. शायद यही वजह है कि मुझ पर पंचायत के लोगों ने भरोसा जताया है तीसरी बार जीताया है. उन्होंने बताया कि पंचायत चुनाव होने के बाद से अब तक 15वें वित्त आयोग के फंड से सिर्फ अन्टाईड योजना के लिए राशि दिये गये हैं जिससे आरसीसी पुलिया इत्यादि का निर्माण किया जाना है, जबकि टाइड के लिए राशि नहीं भेजे जाने के कारण पंचायत के कई विकास कार्य रुके हुए हैं. इस पर सरकार को जल्द से जल्द ध्यान देना चाहिए. उन्होंने बताया कि पंचायत भवन नियमित रूप से खुलता है.

शांति देवी, मुखिया केन्दो पंचायत, चक्रधरपुर

[caption id="attachment_408919" align="aligncenter" width="569"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/09/CKP-Bharania.jpg"

alt="" width="569" height="378" /> चक्रधरपुर प्रखंड के भरनिया क्षेत्र का पंचायत भवन.[/caption] इसे भी पढ़ें : साहिबगंज">https://lagatar.in/sahibganj-anganwadi-workers-will-motivate-for-kitchen-garden/">साहिबगंज

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गांव की सरकार होने से ग्रामीणों की दूर हुई है समस्याएं

चक्रधरपुर की भरनिया पंचायत की मुखिया सरिता गागराई ने कहा कि झारखंड में पिछले तीन टर्म में पंचायत में कई तरह की विकास योजनाओं को धरातल पर लाया गया है, जिसमें मुख्य रूप से पेयजल की सुविधा, पलायन में कमी, शिक्षा में भी पहले की अपेक्षा अब अभिभावक एवं बच्चें अधिक रुचि लेने लगे हैं. पंचायत चुनाव होने के बाद गांव की सरकार होने से अब जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र लोगों को आसानी से उपलब्ध हो रहे हैं, पेयजल के लिए जलमीनार लगाए गए हैं, सिंचाई के लिए मनरेगा से सिंचाई कुआं की निर्माण किए गए हैं. पंचायत कार्यालय में जरूरत के आधार पर मुखिया, पंचायत सचिव, रोजगार सेवक मौजूद रहते हैं. पंचायत में विकास योजनाओं के अनुमोदन के लिए प्रत्येक गांव में ग्रामसभा का आयोजन किया जाता है और कार्यकारिणी की बैठक में विकास योजनाओं को चयनित कर धरातल पर लाने का प्रयास किया जाता है.

सरिता गागराई, मुखिया भरनिया पंचायत, चक्रधरपुर

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