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चक्रधरपुरः कुड़मी को एसटी में शामिल करने की मांग के विरोध में आदिवासियों ने निकाली आक्रोश रैली

आदिवासी समाज के लोग हाथों में स्लोगन लिखे बैनर, तख्तियां लिए हुए चल रहे थे. सभी छुआ-छूत मानने वाली कौम की मांग फर्जी है जैसे नारा लगा रहे थे. रैली प्रखंड कार्यालय होते हुए अनुमंडल कार्यालय पहुंची. यहां प्रतिनिधिमंडल ने एसडीओ श्रुति राजलक्ष्मी लक्ष्मी को ज्ञापन सौंपा.
 

Shambhu Kumar


Chakradharpur : कुड़मी जाति को अनुसूचित जनजाति (एसटी) में शामिल करने की मांग के विरोध में आदिवासी समुदाय ने शुक्रवार को पोटका में आक्रोश रैली निकाली. पोटका के आदिवासी मित्र मण्डल परिसर से निकली आक्रोश रैली में बड़ी संख्या में आदिवासी महिला-पुरुष पारंपरिक वेशभूषा व पारंपरिक हथियारों के साथ शामिल हुए. उन्होंने कुड़मियों की मांग को पूरी तरह से असंवैधानिक बताया. प्रदर्शनकारियों ने जोरदार नारेबाजी भी की.

आदिवासी समाज के लोग हाथों में स्लोगन लिखे बैनर, तख्तियां लिए हुए चल रहे थे. सभी छुआ-छूत मानने वाली कौम की मांग फर्जी है जैसे नारा लगा रहे थे. रैली एतवारी बाजार, रेलवे ओवरब्रिज, पवन चौक,अनुमंडल अस्पताल, प्रखंड कार्यालय होते हुए अनुमंडल कार्यालय पहुंची. यहां प्रतिनिधिमंडल ने एसडीओ श्रुति राजलक्ष्मी लक्ष्मी को ज्ञापन सौंपा.

 

रैली में ये थे शामिल


आदिवासी समुदायों की ओर से निकाली गई रैली में मथुरा गागराई, दोराई हांसदा, श्रीराम समड, मालती हेंब्रम, सुनीता चम्पिया, नंदी कोड़ा, बिरंग बाहंदा, राउतु जोंको, सोंगोल गागराई, कृष्णा सामड, नरेश बानरा, घनश्याम सामड, माधो केरई, कृष्णा चम्पिया, लक्ष्मी कोड़ा, जीवन बांकीरा, पोटानी सुंब्रुई, चांदमानी डांगिल, खिरान खलखो, लक्ष्मी टोप्पो, गीता उरांव, ज्योति उरांव, विमल खलखो, राजेश कच्छप, गोल्डन लकड़ा, राम बोदरा, अर्जुन मुंडा, कालिया जामुदा, नितिमा जोंको सहित सभी प्रमुख आदिवासी समुदाय हो, मुंडा, संथाल, भूमिज, उरांव, बिरहोर व महाली समुदाय के बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए.


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