alt="" width="360" height="180" /> कार्यक्रम में उपस्थित लोग[/caption] इसे भी पढ़े : बहरागोड़ा">https://lagatar.in/behragoda-bjp-mandal-celebrates-jana-sangh-founder-dr-the-birth-anniversary-of-syama-prasad-mookerjee/">बहरागोड़ा
: भाजपा मंडल ने मनायी डाॅ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती आज से 100 साल पूर्व कोई डीएफओ और कोई सरकार नहीं थी. उस वक्त भी जंगल में हाथी और मानव साथ में रहते थे तब यह परिस्थिति नहीं थी. जबकि आज परिस्थिति कुछ अलग है. हाथी और मानव एक दुसरे के दुश्मन बने हुए हैं. कार्यशाला को संबोधित करते हुए डीएफओ ममता प्रियदर्शी ने कहा कि जमशेदपुर प्रमंडल क्षेत्र हाथी प्रभावित क्षेत्र है. उन्होंने कहा कि हाथी भगाने के लिए क्यूआरटी टीम का गठन किया गया है परंतु विभाग के पास एक ही वाहन है जिससे विभाग को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. डीएफओ ने विधायक से मांग किया कि वे वाहन उपलब्ध कराने की दिशा में पहल करें. बाकुड़ा से आए एक्सपर्ट अर्जुन महतो ने क्यूआरटी टीमों को हाथी भगाने का प्रशिक्षण दिया. सरकार के निर्देशानुसार मृत व्यक्ति के परिवार को चार लाख, घायलों को 1 लाख और गंभीर रुप से घायलों को 2 लाख रूपए, घर टूटने पर 40 हजार, प्रत्येक हेक्टेयर पर 20 हजार रूपए मुआवजा के रूप में विभाग द्वारा दी जाती है. उन्होंने कहा कि आज हाथियों को कहां भगाएं यह सबसे बड़ी समस्या बनी हुई है. वन और वन्य प्राणी को बचाना हमारा दायित्व है वही मानव सुरक्षा भी हमारा कर्तव्य है. डीएफओ ने ग्रामीणों से अपील किया है कि हाथियों की सूचना वन विभाग को दें विभाग आपके उम्मीदों पर खरा उतरने का प्रयास करेगी. कार्यशाला के पूर्व विभाग द्वारा हाथी के हमले से मृत परिवार, हाथी द्वारा फसल और घर क्षतिग्रस्त प्रभावित परिवार को मुआवजा दी गई वही हाथियों को भगाने के लिए वन समिति के लोगों के बीच टर्च का वितरण किया गया. इस अवसर पर एसीएफ अमिताभ चौधरी, अशोक वर्मा, विनोद कुमार, गौतम दास, समीर दास, बलराम महतो, मिथुन कर, अमर हांसदा, झंटू भोल समेत सभी वनकर्मी उपस्थित थे. [wpse_comments_template]

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