: संस्कृति और समाज को बचाए रखने की जरूरत – बाबुलाल सोरेन
खदेड़े जाने के बावजूद दोबारा आ धमकते हैं
गौशाला प्रबंध समिति के उपाध्यक्ष आलोक लोधा ने बताया कि गौशाला परिसर में लगभग एक हजार आम्रपाली और हेम सागर आम के पेड़ हैं. प्रत्येक साल दो से तीन लाख रुपये तक के आम बेचे जाते थे. इस साल मुश्किल से 25000 रुपये के आम ही बेचे गए हैं. विगत एक सप्ताह में जंगली हाथियों ने बगीचे को उजाड़ा और आम खा गए. उन्होंने बताया कि हाथियों ने मकई की फसल को भी नुकसान पहुंचाया है. जंगली हाथी गौशाला से जाने का नाम नहीं ले रहे हैं. खदेड़े जाने के बावजूद दोबारा आ धमकते हैं. इनके कारण गौशाला के कर्मचारी भी दहशत में हैं. हाथी कभी भी किसी की जान ले सकते हैं. उन्होंने कहा कि वन विभाग इन हाथियों से निजात दिलाए. प्रभारी वन क्षेत्र पदाधिकारी दिग्विजय सिंह ने बताया कि हाथियों को खदेड़ने के लिए तीन टीम बनाई गई है. गौशाला से भी हाथियों को खदेड़ने के प्रयास में टीम जुटी हुई है. इसे भी पढ़ें :अररिया">https://lagatar.in/araria-unknown-criminals-entered-the-house-and-strangled-the-woman-looted-5-lakhs-and-escaped/">अररिया: अज्ञात अपराधियों ने घर घुसकर महिला का गला रेता, 5 लाख लूटकर फरार [wpse_comments_template]
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