बिष्टुपुर से 32 लाख की लूट पुलिस के लिये बनी पहेली
साल जंगलों के पास बसे गांव में जंगली हाथियों का ज्यादा खतरा
ग्रामीणों के मुताबिक पास के साल जंगलों व फुटबॉल मैदान के पास भी कई हाथी हैं. हालांकि, दिन भर हाथी जंगल में रहते हैं, लेकिन शाम होते ही जंगल से निकलकर उपद्रव करने लगते हैं. हाथियों के भय से शाम को ग्रामीणों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है. जंगली हाथी कब किसकी जान ले लेंगे कहना मुश्किल है. इनके कारण जमुआ और कालियाम पंचायत के कई गांव के लोग दहशत के साये में जी रहे हैं. ऐसे गांव साल जंगलों के पास बसे हैं, इसलिए इन गांव में जंगली हाथियों का ज्यादा खतरा है. इधर, हाथियों द्वारा सनघाटी गांव में भी दो घरों को क्षतिग्रस्त किए जाने की सूचना है. इसे भी पढ़े : धालभूमगढ़">https://lagatar.in/dhalbhumgarh-kudmi-culture-development-committee-started-blood-donation-fortnight/">धालभूमगढ़: कुड़मी संस्कृति विकास समिति ने की रक्तदान पखवाड़ा की शुरुआत [wpse_comments_template]

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