Ranchi : उत्तराखंड के चमोली जिले के मायापुर-पीपलकोटी स्थित विष्णुगाड-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग में गुरुवार शाम पानी और मलबा घुसने से बड़ा हादसा हो गया. हादसे के समय सुरंग में 29 श्रमिक काम कर रहे थे. इनमें सात श्रमिकों की मौत हो गई, 19 को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जबकि तीन श्रमिक अब भी सुरंग में फंसे हैं. राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है.
हादसे की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष को तुरंत सक्रिय करने और उत्तराखंड प्रशासन के साथ समन्वय बढ़ाने का निर्देश दिया. प्रभावित श्रमिकों के परिजनों को सही जानकारी उपलब्ध कराने के लिए हेल्पलाइन भी जारी की गई है.
झारखंड के सात श्रमिक हादसे की चपेट में
हादसे में झारखंड के सात श्रमिक प्रभावित हुए हैं. पूर्वी सिंहभूम के डूगरिया प्रखंड के पलसबनी निवासी श्विजय हांसदा की मौत हो गई है. उनके पार्थिव शरीर को एंबुलेंस से पैतृक गांव भेजने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है.
घटना में पांच झारखंडी श्रमिक घायल हुए हैं. खूंटी के हाबिल गुड़िया, निथिर भिंगरा और दीना बेगरा को हल्की चोटें आई हैं. गुमला के विनोद रावना का दाहिना पैर टूट गया है, जबकि पूर्वी सिंहभूम के खेला राम बिसरा गंभीर रूप से घायल हैं. सभी घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है.
एक झारखंडी श्रमिक अब भी सुरंग में फंसा
सुरंग में फंसे तीन श्रमिकों में एक के झारखंड का होने की पुष्टि हुई है. उसकी पहचान और सुरक्षित रेस्क्यू के लिए राज्य सरकार लगातार संबंधित एजेंसियों के संपर्क में है.
सरकार ने बताया कि मृतक के परिवार को कंपनी की ओर से तत्काल आर्थिक सहायता दी गई है. वहीं, मुआवजा, बीमा राशि और अन्य वैधानिक लाभ जल्द उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है.
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