Kaushal Kumar Ranchi : राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण करने के बाद सीएम चंपई सोरेन के आवास पर बधाई देने के लिए लोगों का तांता लगा रहा. मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के पुराने आवास में उनके परिवार के सदस्यों को लोग बधाई दे रहे हैं. चंपई सोरेन के बेटे बबलू सोरेन और बाबूलाल सोरेन लोगों से मिलकर एक दूसरे के बीच खुशियां बांट रहे हैं. राज्य के 12वें नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के बेटे बाबूलाल सोरेन से खास बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से पिता के मुख्यमंत्री बनने की खुशी है, लेकिन इसके साथ ही इस बात का गम भी है कि उनके पूर्व मुख्यमंत्री और आदिवासियों के युवा चेहरा को गलत तरीके से जेल भेज दिया गया है. मुख्यमंत्री के बेटे ने कहा कि निश्चित रूप से जनता आज खुशी मना रही है, लेकिन यदि 72 घंटे के अंदर उनके सीएम हेमंत सोरेन को नहीं छोड़ा जाता है तो आने वाले समय में पूरे राज्य की जनता सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेगी. इसको लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा के सभी कार्यकर्ता योजना बनाने में जुट गए हैं. इसे भी पढ़ें : हेमंत">https://lagatar.in/hemant-sorens-tenure-was-excellent-champai-soren/">हेमंत
सोरेन का कार्यकाल शानदार रहा : चंपई सोरेन
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alt="" width="600" height="400" /> उन्होंने कहा कि जब भारतीय जनता पार्टी की तरफ से गलत आरोप लगाकर सरकार को गिराने की कोशिश की गई तो उनके इस साजिश को नाकामयाब बनाने के लिए उनके पिता को कमान संभालनी पड़ी. लेकिन वह चाहेंगे कि आने वाले समय में राज्य के युवा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन फिर से राज्य का कार्यभार संभालें. वहीं मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के पदभार ग्रहण करते ही दुमका और पाकुड़ रवाना होने को लेकर उनके पुत्र बाबूलाल सोरेन ने कहा कि उनके पिता शुरुआत के दिनों से ही काम के प्रति गंभीर रहे हैं. जब वे कार्यकर्ता थे तो पार्टी की तरफ से उन्हें जो भी जिम्मेदारी दी जाती थी, उसे समय पर पूरा करते थे, उसी प्रकार जब आज राज्य की जिम्मेदारी उन्हें दी गई है तो उसे समय पर पूरा करने के लिए अभी से ही सजग और गंभीर हैं. इसे भी पढ़ें : नौकरी">https://lagatar.in/hope-of-job-not-lost-rs-65-crores-lost/">नौकरी
की आस ही नहीं टूटी, डूब गए 65 करोड़ [wpse_comments_template]
सोरेन का कार्यकाल शानदार रहा : चंपई सोरेन
alt="" width="600" height="400" /> उन्होंने कहा कि जब भारतीय जनता पार्टी की तरफ से गलत आरोप लगाकर सरकार को गिराने की कोशिश की गई तो उनके इस साजिश को नाकामयाब बनाने के लिए उनके पिता को कमान संभालनी पड़ी. लेकिन वह चाहेंगे कि आने वाले समय में राज्य के युवा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन फिर से राज्य का कार्यभार संभालें. वहीं मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के पदभार ग्रहण करते ही दुमका और पाकुड़ रवाना होने को लेकर उनके पुत्र बाबूलाल सोरेन ने कहा कि उनके पिता शुरुआत के दिनों से ही काम के प्रति गंभीर रहे हैं. जब वे कार्यकर्ता थे तो पार्टी की तरफ से उन्हें जो भी जिम्मेदारी दी जाती थी, उसे समय पर पूरा करते थे, उसी प्रकार जब आज राज्य की जिम्मेदारी उन्हें दी गई है तो उसे समय पर पूरा करने के लिए अभी से ही सजग और गंभीर हैं. इसे भी पढ़ें : नौकरी">https://lagatar.in/hope-of-job-not-lost-rs-65-crores-lost/">नौकरी
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